Rajasthan Jalore : 15 गांवों के पंचों का पंचायत में फैसला, बहू, बेटियां नहीं रखेंगी स्मार्ट फोन, 26 जनवरी से होगा बैन

On: December 23, 2025 12:57 PM
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Rajasthan, Jalore Panchayat decides that daughters in law and daughters will not be allowed to keep smart phones, it will be banned from January 26.

Rajasthan Jalore Panchayat decision : उत्तर भारत में वर्षों से खाप, पंचायत, पंचों के फैसले मान्य किए जाते रहे हैं। कई बार तो इन फैसलों को कानून से भी ऊपर का दर्जा दिया जाता है। पंचायत में जो फैसला ले लिया जाता है, उसे समाजिक दृष्टि से बड़ा माना जाता है। ऐसा ही एक फैसला सुनने में आया है राजस्थान के जालोर जिले की पंचायत का। जालोर जिले में पंचों ने पंचायत कर फैसला लिया कि आसपास के 15 गांवों की बहू-बेटियां स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगी। 26 जनवरी के बाद बहूओं, बेटियों के लिए कैमरे वाला फोन बैन किया जाएगा। केवल कीपैड फोन ही महिलाएं रख सकेंगी।

राजस्थान के जालोर जिले के इस फैसले की हर जगह चर्चा हो रही है। कोई इसको तुगलकी फरमान बोल रहा है तो कोई इसको तानाशाही और कोई इस फैसले को कुछ हद तक सही बता रहा है। हालांकि पंचायत का तर्क है कि स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से इसकी लत लग रही है और आंखों पर असर पड़ रहा है। साथ ही बहू, बेटियों का फोन छोटे बच्चे इस्तेमाल करते हैं। इससे उन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

Rajasthan, Jalore Panchayat decides that daughters in law and daughters will not be allowed to keep smart phones, it will be banned from January 26.
Rajasthan, Jalore Panchayat decides that daughters in law and daughters will not be allowed to keep smart phones, it will be banned from January 26.

 

फैसले में ये भी कहा गया है कि सार्वजनिक समारोह से लेकर पड़ोसी के घर पर भी फोन ले जाने पर पाबंदी रहेगी। वह स्मार्ट फोन की जगह की-पैड फोन उपयोग में ले सकेंगी। आसपास के इलाके में पंचायत के इस फैसले (Rajasthan Jalore Panchayat decision) का विरोध शुरू हो गया है। समाज अध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि ये फैसला इसलिए लिया गया है कि महिलाओं के पास मोबाइल होने से बच्चे इसका उपयोग करते हैं। इससे आंखें खराब होने का डर रहता है।

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Rajasthan Jalore Panchayat decision : यहां पढिए पूरा मामला

राजस्थान के जालोर जिले के चौधरी समाज सुंधामाता पट्टी की गाजीपुर गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। बीते रविवार हुई इस पंचायत में 14 पट्टी के अध्यक्ष सुजनाराम चौधरी की अध्यक्षता (Rajasthan Jalore Panchayat decision) में ये निर्णय लिया, जो पंच हिम्मताराम ने पढ़कर सुनाया। इसमें कहा गया कि उनके अधीन आने वाले 15 गांवों की बहू-बेटियां फोन पर बात करने के लिए की-पैड वाला फोन रखेंगी। अगर पढ़ाई करने वाली बच्चियों को मोबाइल रखना अगर जरूरी होगा तो वे अपने घर में ही मोबाइल से पढ़ाई करेंगी। यानि वे घर में ही मोबाइल का यूज कर सकेंगी। शादी समारोह, सामाजिक कार्यक्रम और पड़ोसी के घर पर भी मोबाइल नहीं ले जा सकती हैं।

Rajasthan Jalore Panchayat decision : इन 15 गांवों में 26 जनवरी से लागू किया जाएगा फैसला

ये नियम पट्टी में आने वाले जालोर जिले के गजीपुरा,पावली, दातलावास, राजपुरा, कोड़ी, कालड़ा, मनोजिया वास, राजीकावास, सिदरोड़ी, आलड़ी, रोपसी, खानादेवल, साविधर, भीनमाल के हाथमी की ढ़ाणी व खानपुर में लागू होगा। बताया जा रहा है कि बैठक में सभी 14 पट्टियों के प्रतिनिधि और समाज के पंच मौजूद थे। हालांकि, पंचायत के फैसले (Rajasthan Jalore Panchayat decision) में कुछ छूट भी दी गई है कि पढ़ाई करने वाली बच्चियों को यदि मोबाइल की आवश्यकता होगी, तो वे अपने घर के भीतर रहकर मोबाइल का उपयोग कर सकेंगी।

इसके अलावा वह सामाजिक कार्यक्रमों, शादी समारोह या पड़ोसियों के घर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंचायत के इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे बच्चों के स्वास्थ्य के हित में बताया जा रहा है, तो वहीं कुछ इसे महिलाओं की स्वतंत्रता पर पाबंदी के रूप में देख रहे हैं.

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प्रदीप कौशिक

प्रदीप कौशिक हरियाणा के जींद जिले से सम्बंध रखते हैं प्रदीप को दैनिक जागरण, पंजाब केसरी, दैनिक भास्कर, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम करने का करीब 7 साल का अनुभव है।

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