Success Story : देश में 42वां रैंक लाकर हरियाणा का छोरा बना फ्लाइंग ऑफिसर, पिता हरियाणा पुलिस में, दादा रेलवे मंत्रालय से रिटायर्ड

On: December 13, 2025 8:13 PM
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Success Story A Haryana boy became a flying officer by securing 42nd rank in the country, his father was in the Haryana Police and his grandfather was retired from the Railway Ministry.

Success Story Airforce Flying Officer  हरियाणा का छोरा आलोक बड़ेसरा देश भर में 42वां रैंक लाकर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बना है। इंडियन एयरफोर्स की परीक्षा काफी कठीन मानी जाती है। आलोक के पिता हरियाणा पुलिस में ASI के पद पर हैं तो दादा रेलवे मंत्रालय से रिटायर्ड हैं। आलोक ने देश सेवा का सपना संजोया और कड़ी मेहनत के बूते इसे हासिल कर अपना सपना पूरा किया। आलोक बड़ेसरा की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

महेंद्रगढ़ के नारनौल के पास गांव गहली ने वायुसेना में शामिल होने के लिए अपना वजन तक कम किया। वजन भी एक, दो, पांच किलो नहीं बल्कि 18 किलोग्राम वजन कम किया। आलोक की माता अंशुबाला गृहिणी हैं। आलोक की बहन गरिमा अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई आलोक ने नारनौल से की। उसके बाद दसवीं कक्षा रेफल्स इंटरनेशनल स्कूल बहरोड़ से और बारहवीं की पढ़ाई स्वामी केशवानंद शिक्षण (Success Story) संस्थान सीकर से पूरी की।

Success Story : मैकेनिकल इंजीनियरिंग का डिग्री होल्डर है आलोक

आलोक का मन या सपना बेसक देश सेवा का था लेकिन आलोक ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री जून 2025 में प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 5 माह तक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। इससे पहले फरवरी में वायुसेना की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हुआ और इसके बाद अगस्त में इंटरव्यू क्लियर किया। इसके बाद मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने पर उनका चयन फ्लाइंग ब्रांच में फ्लाइंग ऑफिसर (Airforce Flying Officer) पद के लिए हुआ। अब वे वायुसेना में पायलट के रूप में देश सेवा करेंगे।

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आलोक ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित (Success Story) कर उसी दिशा में निरंतर प्रयास किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। गांव में चर्चा है कि गहली के उत्तम सिंह बड़ेसरा का पौता आलोक बड़ेसरा वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बना है। आलोक ने अपनी जिद के आगे नियमों को पूरा करने के लिए अपना वजन 94 किलोग्राम से 76 किलोग्राम करना पड़ा। दरअसल हाइट के अनुसार ही वजन होना चाहिए, इसलिए आलोक को 18 किलोग्राम वजन कम करना पड़ा।

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