हरियाणा के जींद जिले में नरवाना क्षेत्र का गांव है कालवन। गांव कालवन स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती प्रवासी पक्षी संरक्षण स्थल पर सर्दी होने के साथ ही कई देशों से पक्षी यहां पहुंचने लग हैं। आगामी गर्मियों तक ये सुंदर सलोनी आंखों वाले विदेशी मेहमान यहीं रहेंगे।
बता दें कि यहां हर साल नवंबर महीने के अंतिम दिनों में हजारों की संख्या में एशिया, यूरोप, साइबेरिया, नेपाल, भूटान से विभिन्न प्रजातियों के पक्षी मेहमान बनकर आते हैं और ग्रीष्म ऋतु तक यहां अपनी सुंदर सलोनी पंखों से लोगों को लुभाते हैं। इन मेहमानों की आवभगत के लिए हरियाणा सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक स्थल को सामुदायिक घोषित किया जा चुका है।
वर्तमान में इस स्थल पर मध्य एशिया से काफी पक्षी आ चुके हैं, जो दिसंबर तक आते रहेंगे। महर्षि दयानंद सरस्वती प्रवासी पक्षी संरक्षण स्थल की संरक्षण टीम ग्राम पंचायत कालवन के साथ मिलकर विगत अनेक वर्षों से इस स्थल को जैव विविधता से संरक्षित किए हुए हैं। यहां सैकड़ों वर्ष पुराने पेड़-पौधों को मिट्टी डालकर तथा स्वच्छ पानी की उपलब्धता करवा इस स्थल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने में सराहनीय कार्य किया है।
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Kalwan Village : देश भी अलग-अलग, नाम भी अलग-अलग
वर्तमान में पहुंचे प्रवासी धनेश-बार हेडेड मंगोलिया से सैकड़ों की संख्या में आए हैं। चम्मच चोंच बगुला-स्पून बिल जो उत्तरी अमेरिका, यूरोप और उत्तरी एशिया में गर्मियों में ब्रीड करते हैं और सर्दियों में यहां के लिए उड़ान भरते हैं। इनके साथ पानी काग-कामोरेंट, हंस-गूज, लंबी टांग वाली जल चिडिय़ा-ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, बगुला-एग्रेट, टिटीरी-लेप्विंग व चम्मच बत्तख-नार्दर्न शोवलर ने इस संरक्षण स्थल को मुख्य आकर्षण का केंद्र बनाया है। प्रसन्नता की बात है कि आने वाले दिनों में अन्य प्रजातियां भी यहां पहुंचने वाली हैं।














