Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway : प्रदेश में एक्सप्रेसवे का संगम होगा ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, अब किसानों की जमीनों के भाव छुएंगे आसमां

On: December 24, 2025 3:27 PM
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Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway: The Green Field Link Expressway will be the confluence of expressways in the state, now the prices of farmers' land will touch the sky.

Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway : देशभर में नेशनल हाईवों का जाल बिच्छाया जाए, ताकि इसके माध्यम देश में कई शहरों में व्यापारिक तौर पर विकास बढ़ सके और देश को आर्थिक रुप से मजबूती हो। बता दें कि उत्तर प्रदेश में 700 किमी लंबे गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। बरेली की फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी तहसील में जमीन अधिग्रहण के लिए ‘काला’ चयन प्रोसेस आरंभ हो गया है। जानिए क्या है पूरा विवरण है?

मंडल के तीन जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे (Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway)

एनएचएआई के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने वाली है। प्रदेश के दोनों भागों को जोड़ने के लिए 700 किमी के गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे को धरातल पर उतारने का प्रोसेस शुरु हो गया है। ऐसे में मंडल के तीन जिलों को जोड़ने वाला यह सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे बरेली जिले की तीन तहसील क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। बता दें कि बरेली की फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी तहसील में जमीन अधिग्रहण के लिए ‘काला’ (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) चयन प्रोसेस  शुरू हो गया है।

Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway: The Green Field Link Expressway will be the confluence of expressways in the state, now the prices of farmers' land will touch the sky.
Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway: The Green Field Link Expressway will be the confluence of expressways in the state, now the prices of farmers’ land will touch the sky.

 

जिले में सर्वे, मुआवजा वितरण कराने का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) बरेली को सौंपा गया है। वहीं, शाहजहांपुर से मुरादाबाद के आगे तक निर्माण का दायित्व एनएचएआइ मुरादाबाद को दिया गया है। इस प्रोजेक्ट को दो माह पहले ही दिल्ली स्थित मुख्यालय से स्वीकृति मिली है।

किन-किन शहरों में गुजरेगा एक्सप्रेस-वे ? (Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway)

यह एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर से पीलीभीत में बीसलपुर, शाजहांपुर में पुवायां होते हुए बरेली के फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी तहसील क्षेत्र के गांवों से होते हुए रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ से शामली तक पहुंचेगा। बरेली जिले में पड़ने वाले गांवों का सर्वे पूर्ण हो गया है। एनएचएआइ ने संबंधित गांवों की सूची खास भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में भेज दी है। इसके बाद चयन प्रोसेस के बाद भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होगी। वहीं चयनित जमीन पर निर्माण और खरीद-फरोख्त पर रोक लग जाएगी।

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Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway: The Green Field Link Expressway will be the confluence of expressways in the state, now the prices of farmers' land will touch the sky.
Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway: The Green Field Link Expressway will be the confluence of expressways in the state, now the prices of farmers’ land will touch the sky.

 

जमीन मालिकों को दिया 15 दिन का समय (Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway)

एनएचएआई के मुताबिक, यदि जमीन के मालिक को कोई आपत्ति है, तो उन्हें 15 दिन का टाइम दिया जाएगा। इसके बाद 3-डी घोषित कर जमीन केंद्र सरकार के नाम करा दी जाएगी। अभी बरेली को उत्तराखंड से जोड़ने के लिए बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। जिले में बरेली-सीतापुर हाईवे का चौड़ीकरण हो चुका है, बरेली से मथुरा-आगरा तक डायरेक्ट जोड़ने के लिए बरेली-मथुरा हाईवे को सिक्सलेन कराया जा रहा है। साथ ही गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे निर्माण का प्रोसेस शुरू हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य आरंभ हो सकता है।

इस एक्सप्रेस-वे से क्या सुविधाएं मिलेगी ? (Gorakhpur Shamli Greenfield Expressway)

पाठकों को बता दें कि, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे 3 वर्षों में बनकर रेडी हो जाएगा। जिससे बरेली से पूरब में गोरखपुर और पश्चिम में शामली तक यात्रा शानदार हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर और लखीमपुर खीरी के लोगों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से डायरेक्ट लिंक मिलेगा। NHAI के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न मात्र यात्रा का टाइम घटेगा, बल्कि परिवहन गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके अतिरिक्त औद्योगिक निवेश और व्यापार को नई गति मिलेगी।

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प्रवेश

प्रवेश पिछले पांच सालों से डिजीटल मीडिया से जुड़े हुए हैं। प्रवेश पंजाब केसरी और अमर उजाला के अलावा कई न्यूज वेबसाइट पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर चुके हैं। प्रवेश को ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग का भी 2 साल का अनुभव है।

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