Anudeep Durishetty Success Story : हर वर्ष हजारों युवाओं को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देते है, मगर सफलता मेहनत और हुनर वालों को मिलती है। ऐसे ही तेलंगाना के अनुदीप दुरीशेट्टी भी उन्हीं हुनरमंद युवाओं में से एक हैं, जिन्होंने आईएएस बनने का ख्वाब देखा और उसे पाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। यहां तक कि अनुदीप ने गूगल में लाखों की सैलरी वाली पैकेज की नौकरी भी छोड़ दी। उनकी सफलता की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है, आए जानें कैसे है?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सफर
तेलंगाना के रहने वाले अनुदीप (Anudeep Durishetty Success Story) की प्राथमकि शिक्षा श्री सूर्योदय हाई स्कूल से अपनी पूरी की। प्राथमिक शिक्षा के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई का चुनाव किया। उन्होंने वर्ष 2011 में बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वे इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहते थे मगर भाग्य में कुछ और लिखा था।

Google में लाखों का पैकेज छोड़ा
पाठकों को बता दें कि, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद अनुदीप को गूगल जैसी प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी में नौकरी मिल गई। लाखों का सैलरी पैकेज मिल रहा था, इसी दौरान यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा ने उनका ध्यान अपनी तरफ खींचा। उन्हें यूपीएससी एग्जाम क्रैक करने का नशा सवार हो गया, वे दिन में काम करते और रात में यूपीएससी की तैयारी।
पहले अटेंप्ट में मिली असफलता
अनुदीप (Anudeep Durishetty Success Story) ने अपनी जिद की बलबूते पर वर्ष 2012 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी, मगर असफलता हाथ लगी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वे गूगल में नौकरी के साथ दोगुनी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी करते रहे। उन्होंने 2013 में फिर से यूपीएससी एग्जाम दिया और ऑल इंडिया रैंक (UPSC AIR) 790 प्राप्त की। उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए चुना गया और उन्होंने सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में सहायक आयुक्त के रूप में काम किया।

5वें अटेंप्ट में किया टॉप
किंतु अभी भी IRS अफसर बनने के बाद भी उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना अधूरा था। वे लगातार प्रयास करते रहे, 2014 और 2015 में भी एग्जाम दिया, मगर मनचाहा रिजल्ट नहीं मिला। फिर भी उन्हें हार नहीं मानी, उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा। बिना कोचिंग दूसरी बार यूपीएससी एग्जाम क्रैक करके AIR-1 प्राप्त की और 2017 में पूरे देश में टॉपर बने।













