Sleep Science Fact : कई बार आपने देखा होगा कि सोते समय कुछ लोग अपना एक पैर रजाई या कंबल से बाहर रखते है। अक्सर ये ऐसा क्यों करते हैं आए जाने आज 5 मुख्य बिंदुओं से पूरा विज्ञान फैक्ट।
पहली बार में यह अजीब-सी हैबीड होती है, किंतु इसके पीछे शरीर और दिमाग दोनों की दिलचस्प जुड़ाव छिपा हुआ हैं। तापमान कंट्रोल से लेकर बचपन की यादों तक, कई ऐसी वजह हैं जो कुछ लोगों को तब तक रेस्ट फील नहीं होने देते जब तक उनका एक पैर कंबल या रजाई के बाहर न हो जाए।
चादर के नीचे घुटन होना (Sleep Science Fact)
सोते समय कई लोग भारी रजाई या कंबल के नीचे अपने- आपको दबा हुआ फील करते हैं। हल्की-सी भी घुटन जैसी भावना उन्हें आराम नहीं करने देती। ऐसे में, एक पैर बाहर रखने से उन्हें तुरंत हल्का-सा स्पेस और आजादी का एहसास मिलता है। यह छोटा-सा बदलाव नर्वस सिस्टम को शांत करता है और शरीर को आराम की स्थिति में लाने में सहायक है।
बचपन की आदतें
(Sleep Science Fact)
दरअसल, हमारे अंदर कई सोने की आदतें बचपन से ही आरंभ होती हैं। जैसे कि पसंदीदा कंबल को पकड़कर सोना, हाथ को तकिए के नीचे रखना या एक पैर बाहर निकालकर सोना। मगर ऐसी आदतें इसलिए बनी रहती हैं क्योंकि वे दिमाग को सुरक्षा और आराम का संदेश देती हैं। इससे डिप्रेशन कम होता है और नींद आसानी से आने लगती है।

होता है माइक्रो-फ्रीडम का एहसास
(Sleep Science Fact)
कुछ लोगों को एक पैर बाहर रखने से शरीर को छोटे स्तर पर आजादी का अहसास मिलता है। ऐसा करने से शारीरिक रूप से यह बिस्तर की घुटन-सी भावना को कम करता है और मानसिक रूप से व्यक्ति को अपने स्पेस पर कंट्रोल होने का अहसास देता है। यह छोटा-सा संदेश डिप्रेशन को घटाता है और नींद में जाने की प्रोसेस को सरल एवं सुगमदायक बनाता है।
दिमाग के प्रति ‘नींद का संकेत’
(Sleep Science Fact)
लोगों का किसी तरह रात को लाइट कम करना, पजामा पहनना या बिस्तर पर जाना- दिमाग को बताता है कि अब सोने का टाइम है, उसी तरह कुछ लोगों के लिए एक पैर बाहर निकालना भी उनकी नींद की रूटीन का पार्ट बन जाता है। धीरे-धीरे यह क्रिया दिमाग के लिए संकेत बन जाती है- “अब सोने का टाइम है।” इससे नींद में ट्रांजिशन आसानी बन जाती है।
नींद में ज्यादा हिलते-डुलते हैं
(Sleep Science Fact)
पाठकों को बता दें कि, कई लोग नींद में बार-बार करवट बदलते हैं, पैर और हाथ हिलाते हैं। ऐसे में एक पैर चादर के बाहर मिलना कभी-कभी सिर्फ उसी मूवमेंट का नतीजा होता है। बरहाल् लगातार बहुत ज्यादा हलचल से दिन में थकान या चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा हो, तो उस पर ध्यान देना आवश्यक है।













