Use Messaging App with Sim Card : अब बिना सिम कार्ड नहीं चलेंगे WhatsApp–Telegram जैसे कोई एप, सरकार की तरफ से मिली बस इतने दिनों की मोहलत

On: December 1, 2025 3:20 PM
Follow Us:
Use Messaging App with Sim Card: Now apps like WhatsApp and Telegram will not work without a SIM card, only this much time has been given by the government.

Use Messaging App with Sim Card : अब केंद्र सरकार के द्वारा ऑनलाइन मैसेजिंग एप पर कुछ नियम लगाने जा रही है, जैसा कि लोकप्रिय मैसेजिंग एप के उपयोग के तरीके में बड़ा चेंज लाते हुए वाट्सएप, टेलिग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अरात्ताई और जोश जैसी सेवाओं के लिए नई शर्तें लागू कर दी हैं। दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने निर्देश दिया है कि अब ये एप तभी काम करेंगे जब यूजर के डिवाइस में सक्रिय सिम कार्ड मौजूद हो।

कंपनियों को 4 माह में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट 

केंद्र सरकार के अनुसार, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं और कंपनियों को 90 दिनों के अंदर ये व्यवस्था अनिवार्य करनी होगी और 120 दिनों के अंदर यानि 4 माह में इसकी अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। यह आदेश दूरसंचार साइबर सुरक्षा (संशोधन) नियम, 2025 के अनुसार जारी किया गया है, जिसके तहत पहली बार एप-आधारित दूरसंचार सेवाओं को सख्त दूरसंचाल नियामकीय व्यवस्था में शामिल किया गया है।

90 दिन में लागू हों ये नई व्यवस्था (Use Messaging App with Sim Card)
पाठकों को बता दें कि डीओटी ने क्लियर कर दिया है कि निर्देशों के 90 दिनों के अंदर, ऐसी सभी सेवाओं को सुनिश्चित करना होगा कि एप का इस्तेमाल उसी सक्रिय सिम कार्ड के साथ किया जा सके, जिसका मोबाइल नंबर उपभोक्ता की पहचान के लिए उपयोग किया गया है। इसके बिना एप चलाना असंभव होगा।

Use Messaging App with Sim Card: Now apps like WhatsApp and Telegram will not work without a SIM card, only this much time has been given by the government.
Use Messaging App with Sim Card: Now apps like WhatsApp and Telegram will not work without a SIM card, only this much time has been given by the government.

वेब यूजर्स के लिए होंगे सख्त नियम (Use Messaging App with Sim Card)
नए नियमों के अनुसार एप के वेब संस्करण को हर 6 घंटे में स्वत: लॉग-आउट करना अनिवार्य होगा। उपयोगकर्ता को दोबारा लॉग-इन करने के लिए क्यूआर कोड के तहत डिवाइस दोबारा लिंक करना होगा।

ये भी पढ़ें  kidney health tips : सर्दियों में भूलकर भी ना करे ये मिस्टेक, वरना आपकी किडनी हो जाएगी फैल

साइबर धोखाधड़ी में आएगी कमी (Use Messaging App with Sim Card)
डीओटी ने वार्निंग देते हुए कहा है कि, बिना सिम के ऐप चलने की सुविधा का दुरुपयोग विदेश से किए जाने वाले साइबर अपराधों में बढ़ रहा है, जिससे दूरसंचार सुरक्षा ढांचा प्रभावित हो रहा है। विभाग के अनुसार दूरसंचार पहचानकर्ता के गलत उपयोग को रोकने और “टेलीकाम इकोसिस्टम की अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने” के लिए ये निर्देश अनिवार्य हैं।

क्यों आवश्यक है ये नियम (Use Messaging App with Sim Card)
सेल्युलर आपरेटर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सीओएआइ) ने पहले संकेत दिया था कि मैसेजिंग एप का सिम से स्वतंत्र रूप से कार्य करना सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। साइबर अपराधी, विशेषकर विदेशों से संचालित गिरोह, सिम निष्क्रिय होने या चेंजिग के बाद भी इन्हीं एप के तहत धोखाधड़ी जारी रख सकते हैं। ऐसे मामलों में कॉल रिकार्ड, लोकेशन लॉग या किसी भी टेलीकॉम डेटा से अपराधियों का पता लगाना कठिन हो जाता है।

सीओएआइ के अनुसार, अनिवार्य सिम-बाइंडिंग से उपयोगकर्ता, फोन नंबर और डिवाइस के मध्य एक विश्वसनीय लिंक बनेगा, जिससे स्पैम, फ्राड काल और वित्तीय धोखाधड़ी पर रोक लगाने में सहायक होगा।

logo

प्रवेश

प्रवेश पिछले पांच सालों से डिजीटल मीडिया से जुड़े हुए हैं। प्रवेश पंजाब केसरी और अमर उजाला के अलावा कई न्यूज वेबसाइट पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर चुके हैं। प्रवेश को ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग का भी 2 साल का अनुभव है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment