Train Live Location Screen : ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है, जैसे ट्रैन का टाइम पर ना आने पर उसका इंतजार करना या फिर उसका टाइम पता लगाने के लिए प्लटेफार्म पर चक्कर काटने पड़ते हैं। मगर अब आपकी ट्रेन कहां है, वह गंतव्य स्टेशन पर तक कब पहुंचेंगी, वह समय पर चल रही है या नहीं आदि सूचनाएं रेल यात्रियों को उनके मोबाइल पर रेलवे के तमाम एप या स्टेशनों के पूछताछ केंद्र से ही मिलती है। आने वाले कुछ दिनों में अब यही सुविधा आपको प्रयागराज समेत देश के प्रमुख स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर भी मिलेगी। यह संभव होगा ऑटोमेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (एपीआईएस) से। इसकी सहायता से ट्रेन आने के चार घंटे पहले से ही मिनट टू मिनट अपडेट सूचनाएं प्लेटफॉर्म पर लगी स्क्रीन से मिलेगी।
कौनसे-कौनसे रेलवे स्टेशनों पर लगेगी लॉकेशन स्क्रीन?
तमाम मुख्य स्टेशनों पर यह स्क्रीन लग जाने के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म या प्रतीक्षालय में बैठे-बैठे ही उनकी ट्रेन का रनिंग स्टेटस दिखाई देगा। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटेड पैसेंजर इनफॉर्मेशन सिस्टम (एपीआईएस) की शुरुआत उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, आगरा कैंट, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, मथुरा जंक्शन, ग्वालियर, अलीगढ़ जंक्शन व उत्तर रेलवे के वाराणसी कैंट, लखनऊ, बरेली जंक्शन, मुरादाबाद जंक्शन, मेरठ सिटी, सहारनपुर आदि स्टेशनों से पर होगी।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगेगी स्क्रिन (Train Live Location Screen)
सीपीआरओ, एनसीआर शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एपीआईएस छत्तीसगढ़ के रायपुर स्टेशन पर आरंभ किया जा रहा है। इसके बाद देश के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर इसे लगाया जाएगा। इसके मद्देनजर प्लेटफॉर्म पर एक स्क्रीन लगाई जाएगी। पीआईएस में सिम आधारित इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ यह स्क्रीन सेंटर फॉर रेलवे इनफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) के सर्वर से जुड़ी होगी।
त्रिपाठी ने आगे कहा, ट्रेन का लाइव स्टेटस प्लेटफॉर्म पर लगी स्क्रीन (Train Live Location Screen) पर दिखता रहेगा। ट्रेन कब और कितने बजे आएगी, किस प्लेटफॉर्म पर इसका आगमन-प्रस्थान होता दिखाई देगा। वह कितनी लेट चल रही है, यह सूचनाएं भी स्क्रीन पर आती रहेगी। इंजन के पीछे कोचों का क्रम कैसा रहेगा आदि सूचनाएं भी यात्रियों को स्क्रीन पर उपलब्ध होगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में एपीआईएस का उपयोग होगा। इसके बाद देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इसका उपयोग किया जा सकता है।














