Jind Youth Death in England : हरियाणा के जींद जिले के खरक गागर गांव निवासी 26 वर्षीय कमल कुंडू का शव डेढ़ महीने बाद गांव पहुंच पाया। उसकी डेढ़ महीना पहले इंग्लैंड में अचानक मौत हो गई थी। 30 लाख रुपए खर्च कर इंग्लैंड गए कमल के मृत शरीर को लाने के लिए भी 3 लाख रुपए खर्च आया। कमल कुंडू के शव को इंग्लैंड से भारत लाने में जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन डा. वीना देशवाल के पति सज्जन देशवाल, जो इंग्लैंड में हरियाणवी इन यूके संगठन के पदाधिकारी हैं, की अहम भूमिका रही।
सज्जन देशवाल के दूसरे जानकारों ने भी काफी मदद की। इन लोगों की मदद से ही कमल कुंडू को अंतिम संस्कार के लिए अपनी जन्मभूमि मयस्सर हो पाई। कमल कुंडू कुछ समय पहले अवैध रूप से किसी तरह इंग्लैंड गया था। वहां वह काम करने लगा। इंग्लैंड के बर्मिंघम में 16 अक्टूबर को अचानक कमल कुंडू का निधन (Jind Youth Death in England) हो गया। परिवार तक इसकी सूचना पहुंची, लेकिन उनके परिवार का कोई सदस्य कमल के शव को इंग्लैंड जाकर भारत वापस लाने की स्थिति में नहीं था।
गांव गांगोली निवासी सज्जन देशवाल को यह बात पता चली। वह इंगलैंड में रह रहे हैं तथा वहां पर हरियाणवी इन यूके संगठन के बड़े पदाधिकारी हैं। वह कमल कुंडू के शव को भारत पहुंचाने में जुट गए। गांगोली तथा खरक गागर गांव आपस में गुहांड हैं। लगभग डेढ़ महीने बाद शुक्रवार को कमल कुंडू का शव गांव पहुंच पाया। शव को इंग्लैंड से गांव पहुंचाने पर जो लाखों रुपये खर्च हुए वह सज्जन देशवाल और उनके साथियों ने (Jind Youth Death in England) किए।
Jind Youth Death in England : बुझ गया अजमेर के घर का इकलौता चिराग
कमल कुंडू अपने पिता अजमेर का इकलौता बेटा था। कमल कुंडू को जब उसके पिता अजमेर और परिवार के दूसरे लोगों ने इंग्लैंड भेजा था, तब उन्होंने कमल और खुद अपने लिए कई तरह के सुनहरे सपने संजोए थे, जो इंग्लैंड में कमल की मौत के साथ तिनके की तरह बिखर गए। कमल की मौत की खबर से परिवार पिछले लगभग डेढ़ महीने से भारी सदमे में था। अजमेर की बेटी सोनिया व अन्य स्वजनों का डेढ़ महीने से रो-रोकर बुरा हाल था।














