Transport AI New Vision : देश में सड़क दुर्घटनाओं से बचने और वाहनों के प्रदूषण की परेंशानियो को कंट्रोल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) सहायक हो सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी पंकज अग्रवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट के दौरान कहा कि सड़क और परिवहन उद्योग में एआइ के एकीकरण की बहुत संभावनाएं हैं अधिकारियों के अनुसार, स्कूलों में ड्राइविंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने से इस दिशा में सहायता मिल सकती है।
एआई और सड़क सुरक्षाक के बारे में जानें (Transport AI New Vision)
भारत में सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए डाटा-आधारित समाधान पर पैनल चर्चा के दौरान, अधिकारियों के मुताबिक एआइ दुर्घटनाओं से बचने और मृत्यु दर कम करने में अहम दायित्व निभा सकता है। उन्होंने माना है कि डाटा से पता चलता है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से संबंधित पहली परेशानी तेज गति से वाहन चलाना है। इसलिए एआई की सहायता से सटीक डाटा जुटाने और मानवीय हस्तक्षेप के बिना साक्ष्य प्रदान कराने में सहायता मिल सकती है।

एक्सीडेंट घटनाओं में सुधारने की तकनीकि (Transport AI New Vision)
यदि कोई ऐसी तकनीक हमारे दुनिया में उपस्थित है जिससे (चालक) वाहन-से-वाहन संचार तकनीक के माध्यम से किसी भी टक्कर से पहले स्वयं को सुधार सके तो एआई के लिए बेहद संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि एआइ दुर्घटनाओं और मृत्यु दर के मामले में सही डाटा बनाए रखने में सक्षम है।
बिहार में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा (Transport AI New Vision)
उन्होंने रिपोर्ट में बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि डाटा के मुताबिक बिहार में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। प्रदूषण के संदर्भ में अग्रवाल ने कहा, हम इसके लिए भी एआइ उपकरण डेवलप कर रहे हैं क्योंकि पर्यावरण शहरों में बड़ी परेशानी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कंट्रोल करने के तरीके को लेकर भी सरकार अहम फैसले ले रही है, क्योंकि यहां डाटा को त्रुटि तरीके से पेश किया जा सकता है। उन्होंने एआइ के माध्यम से ड्राइविंग को स्कूल पाठ्यक्रम का भाग बनाने का भी सुझाव दिया, क्योंकि इससे युवाओं में जागरूकता पैदा हो सकती है। आइआइटी मद्रास इस पर कार्य कर रहा है।












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