Sushila Chahal : हरियाणा चुनाव आयोग ने नगर परिषद जींद के वार्ड 17 की पार्षद सुशीला चहल और वार्ड 21 के पार्षद सतपाल कुंडू, उचाना नगरपालिका के वार्ड 12 की पार्षद गीता को साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। जिससे उनकी सदस्यता भी खत्म हो गई है। 13 फरवरी को आयोग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि इस आर्डर के मिलने के 45 दिनों के अंदर राज्य चुनाव आयोग के सामने ये पार्षद रिव्यू के लिए आयोग में अपील कर सकते हैं।
फैसले के खिलाफ तीनों पार्षदों ने की थी अपील (Sushila Chahal)
बता दें कि चुनावी खर्च का ब्यौरा एक माह के अंदर जमा नहीं करने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने 26 सितंबर 2025 को उक्त तीनों पार्षदों को अयोग्य ठहरा दिया था। जिला निर्वाचन अधिकारी के फैसले के खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग में अपील की थी।
किस धारा के तहत अयोग्य ठहराया गया? (Sushila Chahal)
नगर परिषद जींद के आम चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे और नतीजा 22 जून को घोषित किया गया था। नियमानुसार चुनाव नतीजे घोषित होने की तारीख से तीस दिनों के अंदर इन पार्षदों ने खर्च का ब्यौरा जमा नहीं करवाया। जिसके चलते डीसी ने हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट, 1973 के सेक्शन 13एफ के तहत 26 सितंबर 2025 को पार्षद सुशीला चहल, सतपाल कुंडू और गीता को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहरा दिया दिया था।

जिसके बाद तीनों ने राज्य चुनाव आयोग में फैसले के खिलाफ अपील की। 29 जनवरी को आयोग ने तीनों पार्षदों को पर्सनल हियरिंग का मौका दिया और उनका पक्ष सुना गया। पार्षदों की तरफ से सुनवाई के दौरान ने जो तथ्य रखे गए, उनको ध्यान में रखते हुए राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह ने राहत देते हुए अयोग्यता के पांच साल में से छह माह कम कर दिए। यानि तीनों पांच साल की बजाय साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे।
फैसले के बाद पद से हटाया (Sushila Chahal)
आयोग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर कोई चुना हुआ प्रधान या सदस्य एक्ट के सेक्शन 13एफ या 13एच के तहत चुनाव खर्च का स्टेटमेंट जमा न करने की वजह से अयोग्य हो जाता है, तो राज्य चुनाव आयोग सुनवाई का मौका देने के बाद हटाने का आर्डर पास करता है। इस नियम के तहत पार्षद सुशीला चहल, सतपाल कुंडू को नगर परिषद जींद और गीता को उचाना नगरपालिका के सदस्य के पद से हटा दिया गया है।
फैसले के रिव्यू के लिए करेंगे अपील (Sushila Chahal)
पार्षद सुशीला चहल ने कहा कि अभी उनके पास रिव्यू का मौका है। जल्द ही राज्य चुनाव आयोग में इस फैसले के रिव्यू यानि पुनर्निरीक्षण के लिए अपील करेंगे। उन्हें उम्मीद हैं कि फैसला उनके हम में आएगा। परिवार में मौत होने की वजह से वे समय पर चुनाव खर्च जमा नहीं करवा पाए थे। 29 जनवरी को सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना खर्च का ब्यौरा भी जमा करवा दिया है।








