Haryana Schools magic show ban : हरियाणा में अब सरकारी और प्राइवेट स्कूलो में बच्चों को मैजिक शो यानि जादू का खेल नहीं दिखाया जाएगा। अगर कोई भी स्कूल अपने प्रांगण में मैजिक शो का आयोजन करवाता है तो उसे पहले मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। दरअसल स्कूलों में मैजिक शो दिखाने के नाम पर रुपए मंगवा लिए जाते हैं। अब जादू के खेल के नाम पर स्कूल बच्चों से अतिरिक्त रुपए नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा अब मिड-डे मील के वेन्यू में भी बदलाव किया गया है। अब फोर्टिफाइड आटे की जगह गेहूं दिया जाएगा।
बता दें कि शिक्षा विभाग (Education Board) द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। इसमें पत्र क्रमांक 15/129-2009 तम (5) दिनांक 16.10.2009 एवं 5/223-2016 एच०आर०जी०। (2) दिनांक 03.11.2016 के तहत किसी भी सरकारी/गैर सरकारी विद्यालयों में छात्रों से राशि एकत्रित करके, किसी भी प्रकार का मैजिक शो का आयोजन ना करवाने बारे राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को हिदायतें जारी की गई थी। इसके बावजूद सम्बंधित उपायुक्त एवं क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा राजकीय/प्राईवेट विद्यालयों में मैजिक शो दिखाने की अनुमति (Haryana Schools magic show ban) प्रदान की जा रही है।
Haryana Schools magic show ban : अगर मैजिक शो दिखाना है तो मुख्यालय से लें अनुमति, फ्री में दिखाएं शो
इसके मद्देनजर हरियाणा के सभी राजकीय/प्राईवेट स्कूलों में मैजिक शो या कोई अन्य निजि कार्यक्रम आयोजित करने से पूर्व शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) से अनुमति प्राप्त की जाए। साथ ही, इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करना यदि आवश्यक है, तो इसके लिए छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस/टिकट के पैसे नहीं लिए जाएं। इस प्रकार के कार्यक्रम केवल मुफ्त में छात्रों को दिखाए जाएं, जो छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक / स्वास्थ्यवर्धक हो तथा जिससे छात्रों की शिक्षा भी प्रभावित ना हो। शिक्षा निदेशक इस पर नाराजगी जताते हुए तुरंत इस प्रथा पर रोक लगाने को (Haryana Schools magic show ban) लेकर पत्र जारी किया है।

फोर्टिफाइड आटे की जगह मिलेगी गेहूं
इसके अलावा विभाग के पास शिकायतें पहुंच रही थी कि फोर्टिफाइड आटा जल्दी खराब हो जाता है, जिसके बाद यह प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यालय ने सभी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) के लिए फोर्टिफाइड आटे के स्थान पर गेहूं देने के आदेश दिए हैं। अब जब भी मिड डे मील की नई सप्लाई स्कूलों में आएगी, उसमें फोर्टिफाइड आटे की जगह गेहूं की सप्लाई आएगी। बाद में इंचार्ज द्वारा जरूरत के अनुसार गेहूं की पिसाई करवाकर आटा रखा जा सकेगा।












