IAS Nisha grewal Motivational story : आप सभी को बता है कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सालाना आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा को देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा को क्रैक करने में कई अभ्यर्थियों को वर्षों लग जाते हैं, हालांकि कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने अपने पहले ही कोशिस में टॉप रैंक प्राप्त कर कीर्तिमान रचा है। आज हम आपको प्रदेश के भिवानी के एक छोटे से गांव की रहने वाली निशा ग्रेवाल (Nisha Grewal) की प्रेरणादायक स्टोरी बताने जा रहे हैं जिन्होंने पहली बार में इस परीक्षा को क्लियर कर हरियाणा का नाम रोशन किया।
पहले प्रयास में 51वीं रैंक की हासिल (IAS Nisha grewal Motivational story)
पाठकों को बता दें कि, निशा ने अपने पहले ही कोशिस में ऑल इंडिया रैंक 51 प्राप्त कर आईएएस बनने का सपनों के संग अपने ख्यालों को पूरा किया। उस टाइम उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। निशा के दादा जी ने उनकी ज्यादा हेल्प की।
बुलंदशहर की बनी सीडीओ (IAS Nisha grewal Motivational story)
एक मीडियाकर्मी से संवाद करते हुए निशा कहती हैं कि यदि आप यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं, तो आपको लगातार बेहतर रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा। बता दें कि निशा इस टाइम यूपी के बुलंदशहर में सीडीओ तैनात हैं।
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निशा ने कैसे की तैयारी ? (IAS Nisha grewal Motivational story)
निशा ग्रेवाल ने आगे बताया है कि उन्होंने यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों से तैयार की। इसके अतिरिक्त इंटरनेट पर मौजूद मेटेरियल का भी उपयोग किया। जिसकी सहायता से वो यूपीएससी परीक्षा पास की।
निशा के परिवार के बारे में जानें (IAS Nisha grewal Motivational story)
आपको परिवार के बारे में बताए तो, निशा ग्रेवाल के पिता बिजली विभाग में तैनात हैं, जबकि उनकी मां हाउस वाईफ हैं। उनके दादा जी उनके जीवन ज्यादा प्रेरित करने का काम किया। निशा ने 12वीं के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की और फिर यूपीएससी की तैयारी आरंभ की। इस तरह निशा ने अपने परिवार का नाम समाज और देश-प्रदेश में रोशन किया।

आज के छात्रों के लिए प्रेरणादायक (IAS Nisha grewal Motivational story)
कम आयु में निशा ग्रेवाल अपने पहले ही प्रयास में टॉप रैंक हासिल कर इतिहास रचने वाली उन्होंने यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरणादायक संदेश देने का काम किया है।













