New Labour Code Rules : यदि आप भी प्राइवेट सेक्टर में या फिर सरकारी नौकरी करते हैं, तो आपकी वर्किंग लाइफ यानि जॉब लाइफ में जल्द ही बड़ा परिवर्तन आने वाला है। क्योंकि केंद्र सरकार New Labour Code 2026 (नए श्रम कानून) को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में आ चुकी है। केंद्र सरकार उधमियों या कंपनी के हाथों मे कुछ ओर पावर देकर उन्हें मजबूत कर रही है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इससे देश की आर्थिक मजबूती को गति मिलेगी और समय का उचित उपयोग हो सकेगा।
1 अप्रैल को लागू हो रहा है लेबर कोड (New Labour Code Rules)
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक, केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से इन नियमों को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसका सीधा प्रभाव आपके काम के घंटों, छुट्टियों, सैलरी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ेना लाजिमी है।
जानिए न्यू लेबर कोड 2026 के बारे में
केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि पुराने श्रम कानूनों को परिवर्तित करके नई और आधुनिक व्यवस्था का आरंभ करना है। इसके लिए 44 तरह के पुराने लेबर कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड (4 Labour Codes) तैयार किए गए हैं। इसी को देखते हुए मंत्रालय ने इन नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। जल्द ही इन्हें जनता की राय के लिए ‘प्री-पब्लिश’ किया जाएगा, जिसके लिए सिर्फ 45 दिनों का समय मिलेगा।

हफ्ते में इतने दिन और काम होगा (New Labour Code Rules)
- 4 डे वर्क वीक: कंपनियों को यह पावर होगी कि वे कर्मचारियों से दिन में 12 घंटे काम करवाकर सप्ताह में केवल 4 दिन काम लेंगी। बदले में कर्मचारियों को 3 दिन की पेड लीव यानी छुट्टी दी जाएगी।
- ओवरटाइम: यदि कोई कर्मचारी तय घंटों से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का पूरा पैसा मिलेगा। इससे कर्मचारियों को ‘वर्क लाइफ बैलेंस’ बेहतर करने में हेल्प मिलेगी।
इतनी उम्र वालों का मुफ्त हेल्थ चेकअप (New Labour Code Rules)
नियुक्ति पत्र हुआ जरुरी (New Labour Code Rules)

महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट और समान सैलरी (New Labour Code Rules)
- नाइट शिफ्ट: अब महिलाएं अपनी इच्छा अनुसार नाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए कंपनी को उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम करना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता है, कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाइ कि जाएगी।
- समान वेतन: ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा, जिससे महिला और पुरुष कर्मचारियों के बीच सैलरी का भेदभाव खत्म होगा, जो देखा जाए लैंगिक समानता के आधार पर फैसला अच्छा है।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तार (New Labour Code Rules)
लागू होने में क्या है संशय है? (New Labour Code Rules)














