Jind Weather : जिले में मार्च के पहले सप्ताह में ही अधिकतम तापमान 29 डिग्री पर पहुंच चुका है। जिससे गर्मी का अहसास होने लगा है। आगामी दिनें में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। सामान्य अधिक तापमान होने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई है। किसानों को अंदेशा है कि अगर आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होती है, तो गेहूं की फसल समय से पकेगी। जिससे दाना हल्का रहने से उत्पादन घट सकता है।
साल 2023 में तीन मार्च को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री था। उस साल मार्च में सामान्य से अधिक तापमान रहने से गेहूं की फसल जल्दी पकी थी और उत्पादन भी कम रहा था। वहीं साल 2024 व 2025 में मार्च में हल्की ठंड बनी रही थी, जिससे गेहूं का उत्पादन अच्छा रहा था। मौसम विभाग की तरफ से जारी अनुमान के अनुसार आठ मार्च तक अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 से 17 डिग्री रहने की संभावना है।

वहीं छह मार्च तक आठ से 17 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चलेगी। हवा की गति तेज रहने से जमीन में नमी जल्दी सुखेगी, जिससे गेहूं की फसल में सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। गेहूं की फसल में बालियां आ चुकी हैं, जिससे वजन बढ़ने के कारण तेज हवा के दौरान सिंचाई करने पर फसल गिरने का खतरा रहता है। जिले (Jind Weather) में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा में गेहूं की फसल है। किसानों का कहना है कि मार्च के महीने में गेहूं की फसल के लिए हल्की ठंड जरूरी है।
पांच साल में तीन मार्च का अधिकतम व न्यूनतम तापमान (Jind Weather)
- साल 2022 : अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री व न्यूनतम 16.8 डिग्री
साल 2023 : अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री व न्यूनतम 15.4 डिग्री - साल 2024 : अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री व न्यूनतम 11.2 डिग्री
साल 2025 : अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री व न्यूनतम 10.1 डिग्री - साल 2026 : अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम 14.9 डिग्री
मौसम शुष्क बना रहेगा (Jind Weather)
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा (Jind Weather) से मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश कुमार ने बताया कि आठ मार्च तक माैसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 17 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। छह मार्च तक आठ से 17 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज गति से हवा चलेगी। उसके बाद हवा की गति कम होगी। गेहूं की फसल में किसान जरूरत अनुसार सिंचाई करें।










