Jind Rani Talab : जींद रानी तालाब के पास खाली पड़ी जमीन आडिटोरियम, लाइब्रेरी, फूड मार्केट, बेसमेंट पार्किंग बनाने के प्रोजेक्ट की डीपीआर गुरुग्राम की कंपनी (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करेगी। हाल ही में इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट एजेंसी के रेट की मंजूरी को लेकर चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में बैठक हुई। जींद से बैठक में जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र दून और नगर परिषद अभियंता अमित श्योकंद शामिल हुए। एजेंसी की तरफ से जो रेट दिए गए थे, उसको कम करने के लिए बारगेनिंग हुई। उसके बाद एजेंसी द्वारा कम किए गए रेट को स्वीकृति मिल गई।
80 से 100 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना (Jind Rani Talab)
मुख्यालय से इसको लेकर आधिकारिक रूप से पत्र जारी होने के बाद एजेंसी डीपीआर तैयार करेगी। साथ ही पूरे प्रोजेक्ट का डिजाइन भी बनाएगी। डीपीआर व डिजाइन को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट के पूरा होने तक एजेंसी के आर्किटेक्ट निगरानी रखेंगे। इस प्रोजेक्ट पर 80 से 100 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इंदौर की 56 मार्केट की तर्ज पर यहां आधुनिक फूड मार्केट बनाने की योजना है। ताकि लोगों को खाने- पीने के लिए अच्छी सुविधा मिले। काफी सालों से रानी तालाब के पास नगर परिषद की करीब पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है।

क्या-क्या बनाए जाएगा रानी तालाब के पास ? (Jind Rani Talab)
पहले भी कई बार यहां शापिंग काम्पलेक्स, पार्किंग व अन्य प्रोजेक्ट बनाने को लेकर योजनाएं तो बनी, लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाई थी। पिछले साल विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा ने इस खाली जमीन का दौरा करते हुए नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आडिटोरियम हाल, लाइब्रेरी, फूड मार्केट, बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, ताकि शहर के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। जिसके लिए नगर परिषद ने प्रस्ताव तैयार किया और इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवाने के लिए टेंडर लगाया। पांच- छह एजेंसियों ने आनलाइन बिड भरी थी। जिनमें से गुरुग्राम की एजेंसी के डिजाइन बेहतर पाए गए। इसलिए उस एजेंसी का चयन करते हुए उसके रेट की स्वीकृति के लिए केस मुख्यालय भेजा गया था।
शहर के लिए ये प्रोजेक्ट काफी अहम : डिप्टी स्पीकर (Jind Rani Talab)
विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा ने कहा कि ये प्रोजेक्ट के बनने से शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। आडिटोरियम हाल के साथ लाइब्रेरी की सुविधा भी एक ही जगह प्रदान होगी। आधुनिक फूड मार्केट बनाई जाएगी, जोकि आकर्षण का केंद्र भी रहेगी। मुख्यालय से रेट स्वीकृति का पत्र आने के बाद एजेंसी डीपीआर तैयार करेगी। प्रदेश सरकार शहर में विकास कार्यों को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ रही है।








