Jind Civil Medical : जींद नागरिक अस्पताल में टीबी जांच के लिए आई सीबी-नेट मशीन आजकल धूल फांक रही है। इस मशीन में प्रयोग होने वाली कार्ट्रिज खत्म हो गई है। इसी वजह से इस मशीन से जांच नहीं हो रही है। इस मशीन की जांच को ही स्टीक माना जाता है। अब बलगम या एक्सरे से ही टीबी की जांच हो रही है। नए वर्ष की चर्चा करें तो अब तक जिले में डेढ़ माह में 150 नए टीबी के मरीज आ चुके हैं। जिले में अब तक 3400 के आसपास टीबी के मरीज हैं।
सीबी-नेट मशीन की कार्ट्रिज समाप्त हुई (Jind Civil Medical)
पाठकों को बता दें कि, नागरिक अस्पताल में अलग से बनाए गए टीबी वार्ड में मरीजों की जांच की जाती है। यहां पर टीबी मरीजों को मुफ्त में दवाइयां दी जाती हैं। किसी मरीज को टीबी है या नहीं, इसके लिए जांच के वैसे तो कई तरीके होते हैं। सबसे स्टीक और विश्वसनीय जांच सीबी-नेट मशीन के माध्यम से की जाती है। इसमें रक्त का परीक्षण होता है। नागरिक अस्पताल में जो सीबी-नेट मशीन है, उसकी कार्ट्रिज खत्म हो चुकी है।

मशीन धूल फांक रही है (Jind Civil Medical)
पिछले एक सप्ताह से कार्ट्रिज नहीं मिलने की वजह से यह मशीन धूल फांक रही है। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सक एक्सरे देखकर भी टीबी बता सकते हैं। वहीं बलगम जांच से भी टीबी का पता चलता है, लेकिन यह सभी जांच इतनी विश्वसनीय नहीं हैं। इस प्रकार की जांच का परिणाम 60 फीसदी के करीब माना जाता है। वहीं सीबी-नेट मशीन से जांच को 99 फीसदी सही माना जाता है। ऐसे में मरीजों को ज्यादा समस्या हो रही है।
प्रतिदिन आते हैं 25 के करीब मरीज (Jind Civil Medical)
जींद नागरिक अस्पताल के टीबी वार्ड में प्रतिदिन 25 के आसपास मरीजों की जांच होती है। इन सभी की जांच अब बलगम के माध्यम से की जाती है। जिले में इस तक 3400 के आसपास मरीज हैं। इस नए साल में डेढ़ महीने में ही 150 के आसपास नए टीबी मरीज आ चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का जिले को टीबी मुक्त करने का अभियान जारी है। टीबी मरीजों को कोई भी व्यक्ति गोद ले सकता है।

गोद लेने वाले व्यक्ति को टीबी मरीज को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना होता है। 2024 से टीबी मरीजों को गोद लेने का अभियान जारी है। जिले के लगभग सभी अधिकारियों ने टीबी मरीजों को गोद लिया हुआ है। समय पर संतुलित व पौष्टिक भोजन मिलने से टीबी मरीजों की संख्या कम होने की संभावना है। टीबी मरीज को ठीक होने के लिए लगातार छह महीने तक दवाई लेनी होती हैं।
सीबी-नेट मशीन के लिए प्रयोग होने वाली कार्ट्रिज इस समय खत्म हो गई है। इसकी डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही उपलब्ध हो जाएगी। टीबी जांच के लिए अन्य तरीके अपनाए जा रहे हैं। कोई मरीज बिना जांच के वापस नहीं जा रहा है। प्रतिदिन टीबी वार्ड में औसतन 25 मरीजों की जांच होती है।








