Hydrogen train trail : हाइड्रोजन ट्रेन के रनिंग ट्रायल में अभी समय लग सकता है। हाइड्रोजन प्लांट में कंप्रेशर खराब हो गया है। इस कारण ट्रेन के इंजन में गैस नहीं भर पाई है। ऐसे में ट्रायल को लेकर हाइड्रोजन ट्रेन के लिए चेन्नई से गैस मंगवाई गई है। चेन्नई से गैस आने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। गैस आने के बाद इंजन में भरी जाएगी। इसके बाद ट्रायल होगा। हालांकि लखनऊ की आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) टीम ट्रेन की टेस्टिंग में लगी हुई है।

पिछले दिनों भी प्लांट में कंप्रेशर खराब हो गया था। तब भी चेन्नई से गैस मंगवाई गई थी। ऐसे में अभी रनिंग ट्रायल (Hydrogen train trail) को थोड़ा और समय लग सकता है। पहले रविवार को दोपहर बाद ट्रायल होने की संभावना थी। शनिवार रात को ही ट्रेन के इंजन में गैस भरनी शुरू कर दी गई थी, लेकिन रविवार को इंजन में गैस नहीं भर पाई थी। अब प्लांट में कंप्रेशर खराब हो गया है। हालांकि रनिंग ट्रायल को लेकर प्लांट व मेधा कंपनी के कर्मचारियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। ट्रायल को लेकर ट्रेन (Hydrogen train trail) में एक डिब्बे में 30 से 35 पानी के कैन रखे गए हुए हैं। ट्रेन की वायरिंग व प्लेटिंग का काम किया जा चुका है। शुक्रवार व रविवार को ट्रेन को प्लांट के यार्ड से बाहर निकाल कर कुछ दूरी तक चलाकर भी देखा गया था। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी जल्द ही ट्रायल हो जाएगा।











