Haryana news : हरियाणा में ड्यूटी में कोताही बरतने वाले 47 कर्मचारी व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अगर यह कर्मचारी व अधिकारी निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो फिर इन्हें सस्पेंड किया जा सकता है।
बता दें कि हरियाणा (Haryana News) में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने फसल अवशेष जलाने से (burning crop residues) रोकने, कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी के छिड़काव, जहर फैला रही फैक्ट्रियों पर रोक लगाने, ईंट-भट्ठों की चेकिंग को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। देश भर में प्रदूषित शहरों में रोहतक पहले, चरखी दादरी दूसरे और जींद तीसरे स्थान पर है। सैटेलाइट सिस्टम से फसल अवशेष जलाने के मामलों की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके बावजूद भी खेतों में फसल अवशेष जल रहे हैं।
वीरवार को प्रदेश भर में 35 एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) चिह्नित की गई। अब तक 206 लोकेशन मिल चुकी हैं। फील्ड में नहीं निकलने के कारण कृष विभाग और दूसरे संबंधित विभागों के 47 कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें कैथल के 19, करनाल का एक, पलवल के 24 और सिरसा के 3 कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। अब इन कर्मियों व अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Haryana news : इस जिले में वीरवार को मिली इतनी फायर लोकेशन (Fire Location)
- जिले का नाम -फायर लोकेशन
- जींद -11
- हिसार -4
- सिरसा -4
- रोहतक -3
- करनाल -3
- सोनीपत -3
- कैथल -2
- अंबाला -1
- फरीदाबाद -1
Haryana news : इस साल आई फसल अवशेष जलाने के मामले में कमी
5 नवंबर तक के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश (Haryana News) में कुल 158 फायर लोकेशन (Fire Location) मिली थी। इनमें 70 फसल अवशेष जलाने की जबकि 84 दूसरे जगह आग लगने की लोकेशन थी। 4 मामलों की जांच की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार पराली जलाने (burning crop residues) के मामलों में गिरावट आई है।
2020 में 15 सितंबर से 6 नवंबर तक 2988, साल 2021 में 4216 और साल 2022 में 2576, साल 2023 में 1579, साल 2024 में 888 फायर लोकेशन मिली थी। ड्यूटी में लापरवाही के चलते 35 कर्मचारियों (Haryana news) की चार्जशीट किया गया था। 28 कर्मचारियों को सस्पेंड और 582 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इस बार यह आंकड़ा काफी कम है। इस बार किसानों पर 3.80 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 58 किसानों पर एफआईआर (Farmer FIR) और 47 किसानों की रेड एंट्री की गई है।














