Ganga Expressway Toll tax : भारत का बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत भरी सुविधा मिलने वाली है। बता दें कि भारत का सबसे लंबा यानी 594 KM के गंगा एक्सप्रेसवे अब करीब पूरी तरह तैयार हो गया है। जल्द ही इसे सामान्य नागरिकों के लिए ओपन किया जाएगा, क्योंकि एक्सप्रेस-वे शुरु करने के लिए अंतिम फेज में पहुंच चुका है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किमी लंबा है, जिससे पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक की यात्रा बहुत सरल और तेज हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे लगेगा इतना टोल (Ganga Expressway Toll tax)
सबसे बड़ी अहम बात यही है कि गंगा एक्सप्रेसवे टोल दर कितनी होगी? गंगा एक्सप्रेसवे की टोल रेट लिस्ट जारी हो चुकी है। प्रस्तावित दरों के मुताबिक, यदि आप कार या जीप से मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा करते हैं तो आपको करीब 1515 रुपये टोल देना पड़ सकता है। वहीं, आने-जाने (राउंड ट्रिप) का कुल टोल लगभग 3030 रुपये हो सकता है। यह टोल वाहन के प्रकार और निर्धारित की गई दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
टोल लिस्ट नीचे देख सकते हैं:

टोल और टाइम दोनों के होगी बचत (Ganga Expressway Toll tax)
टाइम, सुविधा और खर्च के लिहाज से गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के मध्य सफर को सरल बना देगा। इस एक्सप्रेसवे को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा टोल को लेकर हो रही है। प्रस्तावित सूची के मुताबिक, कार या जीप से मेरठ से प्रयागराज जाने पर करीब 1515 रुपये टोल देना पड़ सकता है, जबकि आने-जाने यानी राउंड ट्रिप में यह करीब 3030 रुपये तक हो सकता है। टोल की राशि वाहन के प्रकार और दूरी के मुताबिक अलग-अलग होगी, जिसमें भारी वाहनों के लिए ज्यादा और हल्के वाहनों के लिए कम टैक्स निर्धारित किया जाएगा।
भारत सरकार के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे से टाइम और ईंधन दोनों की बचत होगी तथा यात्रियों की मानसिक थकान भी कम होगी, इसलिए टोल को संतुलित माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे को अगले महीने सामान्य जनता के लिए खोलने की तैयारी है और फरवरी के दूसरे सप्ताह में इसके उद्घाटन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। ट्रायल रन, सुरक्षा जांच और तकनीकी जांच पूरी हो चुकी हैं, जिससे क्लियर है कि उद्घाटन अब ज्यादा दूर नहीं है। इसके आरंभ होने से मेरठ से प्रयागराज का सफर का टाइम पहले के 10 या 12 घंटे से घटकर करीब आधा रह जाएगा, जिससे व्यापार और परिवहन को बड़ा फायदा मिलेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे कब ओपन होगा ? (Ganga Expressway Toll tax)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे को अगले माह में सामान्य जनता के लिए ओपन किया जा सकता है। उम्मीद है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह में इसका उद्घाटन किया जाए। बरहाल् अभी आधिकारिक तारीख का एलान नहीं हुआ है, किंतु तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस एक्सप्रेसवे पर टोल सिस्टम पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है। यहां फास्टैग टोल सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे टोल बैरियर सिर्फ 1 से 1.5 सेकंड में खुल जाएगा। इसका अर्थ यह है कि वाहन चालकों को टोल बूथ पर रुकने की अनिवार्यता नहीं पड़ेगी। ट्रायल के दौरान देखा गया कि कैमरे दूर से ही फास्टैग को स्कैन कर लेते हैं और गाड़ी बिना ब्रेक लगाए आगे निकल जाती है। इससे जाम की परेशानी भी नहीं होगी और यात्रा और भी तेज होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे पर इन जगहों आएंगे टोल प्लाजा (Ganga Expressway Toll tax)
पाठकों को बता दें कि मेरठ सर्किल में कई अहम जगहों पर टोल प्लाजा बनाए गए हैं। ये टोल प्लाजा होंगे जैसा कि सिंभाली दिल्ली-मुरादाबाद रोड, सदरपुर-गढ़-बुलंदशहर रोड, संभल-अनूपशहर रोड और हसनपुर से अलीगढ़ रोड पर बनाये गए हैं। इसके अतिरिक्त, एक टोल प्लाजा चंदौसी से अलीगढ़ रोड पर है। इन सभी जगहों पर फास्टैग आधारित टोल सिस्टम पूरी तरह संचालित किया जाएगा।

बरहाल् पूरा एक्सप्रेसवे कुल चार पैकेज में बांटा गया है। पहले पैकेज में यह मेरठ से बदायूं तक बना है। बाकी तीन पैकेज बदायूं से प्रयागराज तक हैं। पहले पैकेज का संचालन IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के द्वारा किया जा रहा है, जबकि बाकी तीन पैकेज अडानी ग्रुप के अधीन हैं। मेरठ से बदायूं तक का टोल बदायूं टोल प्लाजा पर कटेगा, जबकि बदायूं से प्रयागराज तक का टोल प्रयागराज में एक साथ लिया जाएगा।
एक्सप्रेसवे से इन यात्रियों को मिलेगा लाभ (Ganga Expressway Toll tax)
लिहाजा बात यह है कि गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की यात्रा पहले की तुलना ज्यादा कम टाइम में पूरा होगा। व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए मौके भी बढ़ेंगे। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर से पूर्वी यूपी जाने वालों के लिए यह एक शानदार रास्ता बनेगा। यह एक्सप्रेसवे इसलिए विशेष बताया जा रहा है क्योंकि यह केवल लंबा ही नहीं, चूंकि तकनीक और सुरक्षा के लिहाज से भी बहुत आधुनिक है। इस एक्सप्रेसवे पर 7 रोड ओवरब्रिज, 17 इंटरचेंज, 14 बड़े पुल, 126 छोटे पुल, 28 फ्लाईओवर, 50 वाहन अंडरपास, 171 हल्के वाहन अंडरपास और 160 छोटे वाहन अंडरपास बनाये गए हैं। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे 140 से ज्यादा जल स्रोतों के ऊपर से गुजरता है, जिसे मजबूती और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।














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