G RAM G Scheme : हाल ही के दिनों में लोकसभा शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर एक नया बिल जी-रामजी पारित किया गया है। बता दें कि नई दिल्ली ग्रामीण भारत में रोजगार, सम्मान और सुरक्षा के तहत विकसित भारत-जी-रामजी अधिनियम में महिलाओं का खास ध्यान रखा गया है। इस कानून के जरिए कुल लाभार्थियों में महिलाओं की कम से कम एक तिहाई भागीदारी तय की गई है।
लोकसभा में पारित किया गया यह प्रावधान बिल (G RAM G Scheme) मात्र घोषणा तक सीमित नहीं रहेगा, चूंकि रजिरेशन से लेकर काम आवंटन, पहचान, भुगतान, निगरानी और शिकायत निवारण तक पूरा प्रोसेस को क्लियर रूप से निर्धारित किया गया है। अगर इस जनहित नियोजना का अच्छे से पालन होता है तो जी-रामजी ग्रामीण महिलाओं के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित रोजगार का मजबूत मॉडल के रुप में सामने आया है।

रोजगार गारंटी कार्ड मिलेगा (G RAM G Scheme)
नए प्रावधान (G-RAM G Scheme) के मुताबिक ग्रामीण रोजगार गारंटी के लिए जब किसी परिवार का रजिरेशन होगा तो उसके सभी वयस्क सदस्यों के नाम दर्ज किए जाएंगे। पत्नी, बेटी या परिवार की मुखिया सबका नाम दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्हें अलग से आवेदन देने या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रजिरेशन का दायित्व भी ग्राम पंचायत का होगा, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वहीं अकेली रहने वाली महिलाओं के लिए प्रावधान में खास व्यवस्था है। विधवा, परित्यक्ता और अविवाहित महिलाओं को अलग से विशेष ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। इन कार्डों के आधार पर उन्हें काम देने में प्राथमिकता मिलेगी।
महिलाओं का सशक्तिकरण है उद्देश्य (G RAM G Scheme)
इस नए प्रावधान का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं स्थायी आर्थिक सहारा मिल सके। इन महत्वपूर्ण कार्डों की वैधता तीन साल की होगी। ग्राम पंचायतों को यह भी दायित्व सौंपा गया है कि वे अपने क्षेत्र में रहने वाली ऐसी महिलाओं की पहचान करें, जो अकेली हैं या जिनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। उन्हें खास रोजगार गारंटी कार्ड उपलब्ध कराएं, ताकि वो अपना रोजमर्रार जीवन का कौशल कर सकें। महिला प्रधान परिवारों को भी प्राथमिकता दी गई है जैसा कि परिवारों को उन कार्यों में आगे रखा जाएगा, जिनसे भविष्य में आय के स्थायी साधन बन सकें। खेत- तालाब, सिंचाई संरचनाएं, भूमि सुधार, आवास और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम न केवल तत्काल मजदूरी देंगे, बल्कि लंबे समय तक फायदा पहुंचाने वाली संपत्तियां भी तैयार की जाएंगी।

शिकायत दर्ज कराने की प्रोसेस जानें (G-RAM G Scheme)
इस नए प्रावधान (G-RAM G Scheme) से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा गया है। काम के पास पीने के पानी, शौचालय, विश्राम स्थल और बच्चों की देखभाल की व्यवस्था को जरुरी किया गया है। इससे महिलाओं के लिए काम करना सुरक्षित और सुविधाजनक होगा और वे परिवार तथा रोजगार के बीच बेहतर संतुलन बना सकेंगी।
मजदूरी का पैसा अब सीधा खातों में होगा ट्रांसफर (G-RAM G Scheme)
मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है। मजदूरी के पैसे सीधे महिला के बैंक या डाकघर खाते में भेजना यानि ट्रांसफर किये जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और महिलाओं को अपनी मेहनत की पूरी कमाई निर्धारित टाइम पर मिल सकेगी। शिकायत करने की भी व्यवस्था है, जिससे महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर निगरानी और सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि सुनिश्चित हो सके कि महिलाओं की हिस्सेदारी किसी भी स्तर पर एक तिहाई से कम न हो।














