Farmers Unique ID : किसानों को केंद्रीय और राज्य से संबधिंत सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा मिल सके। इसके निमित केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत जिन किसानों के नाम पर खेती की जमीन है, उनकी विशिष्ट पहचान (आईडी) बनाई जाएगी। इसके लिए ‘एग्री स्टैक पोर्टल’ पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग और अटल सेवा केंद्रों पर किसानों का रजिरेशन शुरू कर दिया गया है।
यूनिक आईडी से क्या फायदा होगा ? (Farmers Unique ID)
बता दें कि, यूनिक आईडी के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना, मेरी फसल मेरा ब्योरा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, फसल अवशेष प्रबंधन, प्रधानमंत्री फसल बीमा और राजस्व विभाग की क्षतिपूर्ति जैसी लाभकारी योजनाओं का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचेगा। ध्यान दें, जिसकी आईडी नहीं बनेगी उनको योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा।

कहां बनवा सकते है यूनिक आईडी ? (Farmers Unique ID)
सोनीपत के कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा के अनुसार, पहले इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हर तहसील के सिर्फ 2-2 गांवों में आरंभ किया गया था, मगर अब इसकी कामयाबी को देखते हुए हर जिले के सभी गांवों को इसमें शामिल किया गया है। पटवारी भी इस कार्य में सहायता कर रहे हैं। प्रदेश की सभी किसान अपनी आईडी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी बनवा सकते हैं।
एग्री स्टैंक और सटीक डेटा (Farmers Unique ID)
- इस यूनिक आईडी के तहत कृषि क्षेत्र का सुरक्षित व प्रमाणित डेटा शेयर किया जा सकेगा। गांवों की डिजिटल मैपिंग से जमीन की सुनिश्चित स्थिति पता चलेगी।
- रियल वइम रिकॉर्डः वहीं इसी के निमित खेतों में बोई गई फसलों का रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।














