Delhi to Rishikesh Railway Network : क्या आपको पता है? विश्व में रेलवे नेटर्वक की लिस्ट में भारत का नाम भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। दुनिया का सबसे तेज रेल नेटवर्क यानी हाई स्पीड रेल नेटवर्क किस देश में है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से लेख के माध्यम से आलेखित करने जा रहे हैं।
इस देश का हाई स्पीड रेल नेटवर्क विश्व में प्रसिद्ध (Delhi to Rishikesh Railway Network)
पाठकों को बता दें कि, चीन की शीआन-यानआन हाई-स्पीड रेलवे लाइन है। हाल ही में खुली ये रेल लाइन चीन को तेजी से बढ़ते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से लिंक करती है। इससे उत्तरी शानक्सी प्रांत में रहने वाले नागरिकों के जिंदगी में बड़ा परिवर्तन आया है। इसका सबसे बड़ा लाभ है कि, इससे यात्रा का समय कम हो जाता है और रोजाना आवागमन काफी सरल हो जाता है। इस रेल नेटवर्क का एक वीडियो भी सोशल पर काफी वायरल हो रहा है।

45 मिनट में दिल्ली से ऋषिकेश का रेलवे नेटवर्क (Delhi to Rishikesh Railway Network)
यदि इस ट्रेन की स्पीड को देखें तो ये अनुमान लगा लीजिए कि यदि आप भारत में हैं तो आप 45 मिनट में दिल्ली ये ऋषिकेश पहुंच सकते हैं। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, शीआन-यानआन हाई-स्पीड रेलवे लाइन दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है जो पृथ्वी की परिधि से एक-पांचवां भाग लंबा है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सी9309 ट्रेन 350 किमी (217 मील) प्रति घंटे की गति से चलती है, जो जापान की शिंकानसेन से भी तेज है, जिसकी ज्यादात्तर रफ्तार 320 किमी (200 मील) प्रति घंटे है।
इस साल 26 दिसंबर को हुआ परिचालन शुरू (Delhi to Rishikesh Railway Network)
वायरल हो रहे वीडियो में बताया गया कि, ‘शीआन-यानआन हाई-स्पीड रेलवे को बीते शुक्रवार 26 दिसंबर को आधिकारिक तौर पर आरंभ किया गया’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग ज्यादा उत्साहित दिखे। एक सामान्य यात्री ने सीजीटीएन को बताया, ‘मैं पहली बार हाई-स्पीड ट्रेन में सफर कर रहा हूं और मैं बहुत उत्साहित हूं।’ दूसरे यात्री ने कहा, ‘ यह इस लाइन की पहली यात्रा है। हम विशेष तौर पर उद्घाटन ट्रेन में सफर करने और खुद इसका अनुभव लेने आए हैं।’ कई लोगों के लिए सबसे बड़ा परिवर्तन समय की बचत है। वीडियो में एक महिला यात्री ने कहा, ‘पहले यह सोचना भी असंभव था कि अब शीआन पहुंचने में सिर्फ एक घंटा आठ मिनट लगते हैं।’ यात्रा का टाईम कम होने से जो यात्राएं पहले थका देने वाली लगती थीं, अब वे सरल और बेहत्तर के साथ शानदार हो गई हैं।














