Uchana Marriage : प्राचीन संस्कृति, सभ्यता में आम तौर पर विवाह में परिवार के सदस्य बान्ना (दूल्हे का भोज)का कार्यक्रम खुशी में करते है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार बड़ौदा से करीब 50 किलोमीटर दूर कोटड़ा गांव के मनोज चहल के परिवार में शादी पर बड़ौदा गांव (Uchana Marriage) के संदीप चहल ने गांव में बान्ना दिया। इस कार्यक्रम में विभिन्न गौत्र के लोग पहुंचे। इस कार्यक्रम का आयोजन करना युवा पीढ़ी को भाइचारे का संदेश देना था।
जयदीप रधाना ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम भाईचारे को जोड़नेव खून के रिश्ते को मजबूत करने का काम करते हैं। कोटड़ा (कैथल) से मनोज चहल के भाइयों की शादी है। 84 गांव में चहल खाप की नंबरदारी है 144 गांव चहल गोत्र के हैं। संदीप चहल से आज के युवा सीख लेंगे। संदीप चहल ने कहा कि चहल खाप को एक समान भाईचारा बनाने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किया। जितने भी बड़ौदा गांव से निकासी हुई है, वह हमारे दिलों में रहते है।

इस तरह के कार्यक्रम एक-दूसरे से जुड़ाव के साथ जो हमारी युवा पीढ़ी है उनको संदेश मिले कि हमारे माता-पिता ने किया था हम भी उसको निभाएं। हर खाप को इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। गांव में जो दीवार के दीवार लगता भाई आपस में नहीं बोलता है वो भी इस तरह के आयोजनों (Uchana Marriage) से प्रेरणा लेंगे। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि ये कार्यक्रम भाईचारे और एकता को कायम रखने एक धागे में पिराने का संदेश है।










