Digital Currency : इस वर्ष के अंत तक खुदरा ग्राहकों के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को पेश किया जा सकता है। पाठकों को बता दें कि अभी सीबीडीसी का उपयोग बिजनेस टू बिजनेस (B2B) आधार पर किया जा रहा है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय सूत्रों के अनुसार पिछले दो वर्ष से सीबीडीसी का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है और इस वर्ष के अंत तक इसे खुदरा ग्राहकों के लिए पेश किया जा सकता है। हालांकि गुजरात के दो जिलों में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी का उपयोग आरंभ किया गया है।
पुडुचेरी और चंडीगढ़ में CBDC का उपयोग (Digital Currency)
पुडुचेरी में भी इसी हफ्ते में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी का प्रयोग शुरू होने वाला है। इसके पश्चात चंडीगढ़ व अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी को पेश किया जाएगा। इसके तहत मुफ्त राशन के लिए योग्य व्यक्ति के ई-वालेट में आरबीआई सीबीडीसी जारी करेगा।
- यह एक कोड या क्यूआर कोड के रूप में होगा जिसे दिखाकर वह सामान्य नागरिक राशन की दुकान में राशन ले सकेगा। राशन लेने के अतिरिक्त किसी अन्य काम में इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
- सूत्रों के अनुसार, राशन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डिजिटल करेंसी की शुरुआत कर इसका परीक्षण किया जा रहा है ताकि खुदरा ग्राहकों के लिए जारी करने से पहले इसकी पूरी तरह से समझ हो जाए।
- सूत्रों के अनुसार इस वर्ष अगस्त-सितंबर में भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स देशों का सम्मेलन होना है और इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल करेंसी के चलन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
- बता दें कि यह प्रस्ताव ब्रिक्स के सदस्य देश ब्राजील, रूस, चीन व दक्षिण अफ्रीका के प्रयासों पर निर्भर करेगा। सिंगापुर के साथ भारत डिजिटल करेंसी में भुगतान को लेकर पायलट प्रोजेक्ट कर रहा है।

UPI के भुगतान के लिए सभी बैंक बनाएंगे अपना एप (Digital Currency)
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को और सरल बनाने के लिए बैंक अपना एप बनाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के योनो एप की सहायता से ग्राहक सीधे तौर पर यूपीआइ भुगतान कर सकता है। उसे पेटीएम, गूगल पे जैसे किसी एग्रीगेटर की जरुरत नहीं होती है।
अन्य बैंक पर एप कर सकते हैं पेश (Digital Currency)
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अनुसार अन्य बैंक भी इस प्रकार के एप पेश कर सकते हैं। डिजिटल करेंसी का चलन भारत में लगातार बढ़ रहा है। बीच-बीच में यह भी सूचनाएं आती रहती है कि बड़ी रकम का यूपीआई भुगतान पर सरकार शुल्क लगा सकती है, चूंकि सरकार ने इस बात से क्लियर इंकार किया है।














