Ganga Expressway : नोएडा में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की नियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। भारत सरकार की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को बनाने की प्रोसेस तेज हो गया है। नोएडा अथॉरिटी इसके निर्माण के लिए यीडा क्षेत्र के 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ भूमि की खरीद करेगा। जमीन खरीद की प्रक्रिया के साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना पर काम तेज हो जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव निर्मष कुमार शुक्ल ने यीडा के सीईओ को इससे संबंधित पत्र भेजा है। पत्र 17 फरवरी को जारी किया गया है।
यूपीडा के द्वारा किया जाएगा निर्माण (Ganga Expressway)
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराएगा। लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किमी यानी बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से आरंभ होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किमी यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास आकर जुड़ेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 20 किमी का हिस्सा यीडा क्षेत्र में है। इसमें से 9 किमी के भाग में एलिवेटेड निर्माण होगा। सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा।

16 गांवों से खरीदेगी सरकार जमीन (Ganga Expressway)
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ जमीन की खरीद की जाएगी। इस पर 1204 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जेवर के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रह्मनान, रबुपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा में अथॉरिटी ने सर्वेक्षण के बाद जमीन खरीद की तैयारी कर ली है। अथॉरिटी की तरफ से जमीन की खरीद की जाएगी। इसके बाद इसे यूपीडा को सौंपा जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा की ओर से किया जाएगा।
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कुल 56 गांवों की जमीन पर होगा। इनमें गौतमबुद्ध नगर के आठ और बुलंदशहर के 48 गांव हैं। इनमें 14 गांव खुर्जा तहसील के हैं। अन्य 42 गांव बुलंदशहर, सियाना और शिकारपुर तहसील के हैं। लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लगभग 4000 करोड़ रुपये में पूरा कराया जाएगा।

यमुना-गंगा की कनेक्टिविटी से होगा विस्तार (Ganga Expressway)
यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने तहत प्रदेश की कनेक्टिविटी में विस्तार हो जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में वाहनों का दबाव ज्यादा होने का अनुमान है। नोएडा एयरपोर्ट पर मालवाहक विमानों को उतारने की तैयारी है। ऐसे में लिंक एक्सप्रेसवे प्रदेश और देश के प्रमुख स्थानों से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से ग्रेटर नोएडा तक की राह सरल हो जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने पर गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता अधिक बढ़ जाएगी। इसके जरिए भारवाहक वाहनों को एयरपोर्ट पहुंचने में आसानी हो जाएगी।













