Expressway 2026 : वर्ष 2026 भारत के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद शानदार साबित होने वाला है। उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सामान्य नागरिकों के लिए खोले जाएंगे। इनमें उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी शामिल है। बता दें कि ये सभी एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक से तैयार किए जा रहे हैं, जहां गाड़ियों को 120 किमी प्रति घंटे तक की गति से चलने की अनुमति होगी। इन सड़कों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लंबी दूरी की यात्रा कम टाइम में पूरा होगा, ईंधन की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से रास्ते में पड़ने वाले शहरों, कस्बों और गांवों की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे: उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे (Expressway 2026)
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। यह मेरठ से आरंभ होकर प्रयागराज तक जाएगा और भविष्य में इसे हरिद्वार व मिर्ज़ापुर तक बढ़ाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरेगा और हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे जिलों को लिंक होगा।

इसके चालू होने के पश्चात मेरठ से प्रयागराज की दूरी करीब 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इस एक्सप्रेसवे पर भी 120 km/h की स्पीड की अनुमति होगी। यात्रियों से तय टोल लिया जाएगा और रास्ते में कई रैंप टोल प्लाज़ा बनाए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के 2026 में सामान्य नागरिकों के लिए खुलने की पूरी संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: देश का सबसे लंबा कॉरिडोर (Expressway 2026)
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे बड़ी और आधुनिक सड़क परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1,350 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे छह राज्यों से होकर गुजरेगा और दिल्ली को डायरेक्ट मुंबई से जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट भारतमाला योजना का अहम भाग है और इसके 2026 के दौरान पूरी तरह शुरू होने की संभावना है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना से गुजरात के सूरत तक फैला होगा।
रास्ते में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई बड़े शहर इससे जुड़ेंगे। जयपुर, कोटा, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सूरत जैसे शहरों को इससे डायरेक्ट फायदा मिलेगा। 120 km/h की डिज़ाइन स्पीड वाले इस एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से 2026 के बीच तक ट्रैफिक के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पुराने हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दिल्ली से गुजरात व मध्य प्रदेश का सफर कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे: उत्तर भारत को नई कनेक्टिविटी (Expressway 2026)
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे लगभग 650 किलोमीटर लंबा नया रोड प्रोजेक्ट है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से आरंभ होकर जम्मू-कश्मीर के कटरा तक जाएगा। इसके तहत दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के डायरेक्ट सीधी और तेज़ सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे दो प्रमुख हिस्सों में डेवलप किया जा रहा है।
पहला भाग दिल्ली से पंजाब के नोकोदर तक जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा अमृतसर क्षेत्र को जोड़ेगा। इस परियोजना पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक का सफर पहले के मुकाबले में ज्यादा कम टाइम में पूरा हो सकेगा, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: पहाड़ों का सफर तेज़ (Expressway 2026)
दिल्ली से देहरादून को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे लगभग 210 किमी लंबा होगा। इसके निर्माण की प्रोसेस 2026 की शुरुआत में तेज़ होने की संभावना है। यह छह लेन का कंट्रोल्ड एक्सेस एक्सप्रेसवे होगा, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ेगा।
इस एक्सप्रेसवे की विशेष बात यह है कि इसमें एशिया का सबसे बड़ा Wildlife Corridor बनाया जा रहा है, जो राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरेगा। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों को प्राकृतिक नज़ारों का भी अनुभव मिलेगा। इस सड़क के आरंभ होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर करीब 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जो अभी के मुकाबले ज्यादा कम है।
कुल मिलाकर, 2026 में शुरू होने वाले ये नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश ही नहीं भारत के रोड नेटवर्क को पूरी तरह बदल देंगे। तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर के साथ-साथ ये परियोजनाएं रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देंगी।












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