Hisar Master Plan 2041 : हरियाणा का पौराणिक शहर यानि हिसार जिला अब अतीत की विरासत और आज के दौर की चुनौतियों तक सीमित नहीं रहेगा, चूंकि आने वाले दशकों में यह एक सुव्यवस्थित, नियोजनाबद्ध और आधुनिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाएगा। बता दें कि हरियाणा सरकार और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय द्वारा रेडी किया गया एकीकृत विकास योजना–2041 (मास्टर प्लान-2041) इसी दिशा में निर्णायक फैसला माना जा रहा है।
नक्शे में क्या दिखाया गया है ? (Hisar Master Plan 2041)
इस मास्टर प्लान के जरिए शहर के विकास की दशा और दिशा निर्धारित करने वाला नक्शा तैयार किया गया है, जिसमें रिहायशी विस्तार, सड़कों का जाल, ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक क्षेत्र और यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों अनुरूप ढाला गया है। इस नए नक्शे में सबसे निर्णायक बदलाव तोशाम रोड की ओर रिहायशी क्षेत्र के बड़े विस्तार को लेकर किया गया है।
कितने रुपये की लागत आएगी ? (Hisar Master Plan 2041)
अब तक शहर का फैलाव ढंढूर की तरफ माना जा रहा था, किंतु एयरपोर्ट परियोजना के चलते यह दिशा सीमित कर दी गई है और विकास का रुख तोशाम रोड की तरफ मोड़ दिया गया है। इसके साथ ही लगभग 1900 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना में भी बड़े संशोधन किए गए हैं, ताकि भविष्य में शहर का सुनियोजित विस्तार संभव हो सके।

मास्टर प्लान 2041 में कितनी जमीन अधिग्रहित की जाएगी ? (Hisar Master Plan 2041)
मास्टर प्लान 2041 के जरिए 38721.59 हेक्टेयर क्षेत्र को नियंत्रण एरिया में सम्मिलित किया गया है। बता दें कि इस नक्शे को शहरी स्थानीय निकाय विभाग से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और अब कुछ तकनीकी व सामान्य आपत्तियों का निपटान बाकी है। वहीं अधिकारियों का दावा करते हुए कि सुनिश्चित किया है, 95 फीसदी से ज्यादा योजना फाइनल हो चुकी है और फरवरी माह में जिला योजना समिति की मीटिंग के पश्चात इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यह मास्टर प्लान आने वाले सालों में हिसार के सामाजिक, आर्थिक और शहरी स्वरूप को पूरी तरह चेंज करने वाला डॉकोमेंट साबित होगा।
हिसार को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में निर्णायक फैसला (Hisar Master Plan 2041)
हरियाणा सरकार ने हिसार को स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में डेवलप करने के लिए मास्टर प्लान 2041 को आधार बनाया है। इस योजना के तहत शहर की बेतरतीब बसावट पर अंकुश लगाते हुए नियोजित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं शहर में सड़क, सीवरेज, जल आपूर्ति, आवास, परिवहन और पर्यावरण संरक्षण जैसे पहलुओं को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ सम्मिलित किया गया है।
नए मास्टर प्लान में नियंत्रण एरिया बड़ा घोषित (Hisar Master Plan 2041)
नए मास्टर प्लान के जरिए 38721.59 हेक्टेयर क्षेत्रफल को नियंत्रण एरिया घोषित किया गया है। इसकी सीमाएं तलवंडी राणा से बहबलपुर, दुर्जनपुर से चिकनवास, लांधड़ी, मय्यड़ और नगर निगम क्षेत्र तक फैली होंगी। इसका मकसद यह है कि भविष्य में होने वाला हर विकास कार्य निर्धारित मानकों और नियमों के मुताबिक हो।

सर्वाधिक विकास आधार अस्पताल से डाबड़ा नहर तक चिन्हित (Hisar Master Plan 2041)
इस मास्टर प्लान में आधार अस्पताल के पास से लेकर डाबड़ा नहर तक के क्षेत्र को अहमियत रूप से रिहायशी डेवलपमेंट के लिए चिन्हित किया गया है। यह पूरा क्षेत्र भविष्य में शहर का नया आवासीय केंद्र बन सकता है। अधिकारियों ने दावा करते हुए सुनिश्चित किया है कि यहां आधारभूत सुविधाओं के विकास की अपार संभावनाएं हैं।
तोशाम रोड पर बढ़ेगा रिहायशी क्षेत्र (आर-जोन) (Hisar Master Plan 2041)
मास्टर प्लान 2041 का सबसे बड़ा परिवर्तन तोशाम रोड को लेकर किया गया है। भविष्य में हिसार का रिहायशी विस्तार ढंढूर की बजाय तोशाम रोड की तरफ होगा। नए नक्शे के मुताबिक गंगवा से डाबड़ा नहर के साथ-साथ सातरोड नहर तक के क्षेत्र को रिहायशी जोन (आर-जोन) एलान किया गया है। आने वाले सालों में इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय कालोनियों, सोसाइटियों और रियल एस्टेट परियोजनाओं का विकास होगा। इससे न सिर्फ आबादी का संतुलित वितरण होगा, चूंकि शहर पर प्रेशर को कम किया जा सकेगा।
रिंग रोड परियोजना में भी बड़ा संशोधन किया गया (Hisar Master Plan 2041)
मास्टर प्लान 2041 के मुताबिक, केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना में भी अहम परिवर्तन हो सकते हैं। नए नक्शे के मुताबिक नए बाइपास (रिंग रोड) का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से होगा। यह बाइपास हिसार–राजगढ़ रोड (एनएच-52) से शुरू होकर हिसार–दिल्ली रोड (एनएच-9) को पार करते हुए हिसार–कैथल रोड (एनएच-52) तक जाएगा।

रिंग रोड के दायरे में परिवर्तन, लंबाई होगी कम (Hisar Master Plan 2041)
हिसार वासियों को बता दें कि, मय्यड़ से तलवंडी राणा तक प्रस्तावित रिंग रोड के दायरे को कम किया गया है। अब इसकी लंबाई कुछ कम होगी। कुछ गांवों को इस दायरे से बाहर कर दिया है। इसका मकसद भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं को कम करना और परियोजना को व्यावहारिक बनाना है।
रिंग रोड में शामिल होंगे ये क्षेत्र (Hisar Master Plan 2041)
रिंग रोड तलवंडी राणा से आरंभ होकर ढंढूर के करीब बने बाइपास से राजगढ़ रोड तक तो बाइपास के रूप में बना हुआ है। यहां से आगे गांव कैमरी के बाहर से, गांधी नगर के पास से होते हुए मिरका, लाड़वा, मय्यड़ टोल के नजदीक से खरड़ अलीपुर, मिर्जापुर, धान्सू होते हुए मारवल सिटी के पास तलवंडी राणा बाइपास में जाकर लिंक करेगा।
एयरपोर्ट की वजह से ढंढूर की तरफ रिहायशी विकास हुआ सीमित (Hisar Master Plan 2041)
हिसार के गांव ढंढूर की दिशा में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना की वजह से वहां रिहायशी विस्तार को सीमित रखा गया है। हालांकि बगला रोड की तरफ कुछ क्षेत्र को आवासीय जोन में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त गांव गंगवा के करीब पहले से ही रिहायशी गतिविधियां मौजूद हैं, जिन्हें मास्टर प्लान में जारी रखा गया है।

औपचारिकता के बाद देंगे इसे अंतिम मंजूरी (Hisar Master Plan 2041)
अधिकारियों के मुताबिक, यूएलबी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की आपत्तियां मामूली हैं। ऐसे में मास्टर प्लान 2041 का करीब 95 फीसदी से ज्यादा भाग फाइनल माना जा सकता है। बाकि औपचारिकताओं के बाद इसे अंतिम मंजूरी दे दी जाएगी।
शहर का बढ़ेगा दायरा, मिलेगी ये सुविधाएं (Hisar Master Plan 2041)
इस मास्टर प्लान 2041 में हिसार के शहरी विस्तार को लेकर एक और अहम संकेत दिया गया है। नए मैप के मुताबिक भविष्य में शहर का विकास गांधी नगर के पास तक पहुंचेगा। अब तक जिस क्षेत्र को शहरी परिधि से बाहर माना जाता था, वह आने वाले सालों में सुनियोजित विकास का भाग बनेगा। आज के दौर में जो भारी वाहन शहरी क्षेत्र से गुजरते है। रिंग रोड बनने से वे शहर के बाहरी क्षेत्र से गुजरेंगे।
यूएलबी की मंजूरी, कुछ आपत्तियां बाकि (Hisar Master Plan 2041)
हिसार वासियों को सूचना देते हुए सुनिश्चित कर दें कि, शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) ने मास्टर प्लान 2041 के मैप को मंजूरी दे दी है। हालांकि इसमें कुछ क्लेरिकल और ग्रीन बेल्ट से जुड़ी आपत्तियां रिकार्ड की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक ये आपत्तियां तकनीकी और सामान्य प्रकृति की हैं, जिन्हें सरलता से दूर किया जा सकता है।
चार पेज के आदेश में गिनवाई गईं 11 कमियां (Hisar Master Plan 2041)
21 जनवरी 2026 को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय ने जिला नगर योजनाकार अधिकारी को चार पेज का पत्र भेजते हुए 11 कमियों का उल्लेखित किया गया है। इन कमियों को दूर करने के बाद मैप को जिला योजना समिति (डीपीसी) के समक्ष प्रस्तुत यानि सौंप दिया जाएगा। बता दें कि साथ ही जनता और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आपत्तियों का निवारण भी किया जाएगा। उसके बाद नक्शे को फाइनल करने की आगामी औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।












