Padma Awards 2026 Announcement : भारत में कुशल लोगों एवं कलाकारों के लिए एक बार फिर साल 2026 की शुरुआत पद्म पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। बता दें कि इसमें साहित्य, शिक्षा, सेवा, चिकित्सा कला और जनकल्याण के संबधिंत लोगों को उनके खास योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। आए जानें आगे विस्तार सें…
पद्म पुरस्कार को लेकर अपडेट (Padma Awards 2026 Announcement)
पाठकों को बता दें कि, पद्म पुरस्कारों की एक सूची सामने आई है, यह सूचि उन कलाकारों एवं सामाजिक लोगों की है, जिन्हें 2026 में सम्मानित किया जाएगा। हालांकि पद्म पुरस्कार से नवाजे जाने वालों की आधिकारिक लिस्ट 25 जनवरी की शाम को केंद्र सरकार द्वारा से जारी की जाएगी। ऐसे में लिस्ट के अनुसार, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, बुदरी थाती, चरण हेम्ब्रम को गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

पद्म श्री पुरस्कार विजेताओं में नॉमित हुए नाम (Padma Awards 2026 Announcement)
- अंके गौड़ा
- आर्मिडा फर्नांडीज
- भगवानदास रायकवार
- भिकल्या लाडक्या ढिंडा
- बृज लाल भट्ट
- बुधरी ताती
- चरण हेम्ब्रम
- चिरंजी लाल यादव
- धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या
- गफरूद्दीन मेवाती जोगी
- हैली वार
- इंद्रजीत सिंह सिद्धू
- के पजानिवेल
- कैलाश चंद्र पंत
- खेम राज सुंदरियाल
- कोल्लाक्कयिल देवकी अम्मा जी
- कुमारसामी थंगराज
- महेंद्र कुमार मिश्र
- मीर हाजीभाई कासमभाई
- मोहन नगर
- नरेश चंद्र देव वर्मा
- नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला
- नूरुद्दीन अहमद
- ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन
- पद्मा गुरमेत
- पोखिला लेकथेपी
- पुन्नियामूर्ति नटेसन
- आर कृष्णन
- रघुपत सिंह
- रघुवीर तुकाराम खेडकर
- राजस्तपति कलियप्पा गौंडर
- रामा रेड्डी ममिदी
- रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले
- एस जी सुशीलम्मा
- संग्युसांग एस पोन्गेनर
- शफी शौक
- श्रीरंग देवबा लाड
- श्याम सुंदर
- सीमांचल पात्रो
- सुरेश हनागावडी
- तगा राम भील
- तेची गुबिन
- तिरुवरुर बक्तवत्सलम
- विश्व बन्धु
- युमनाम जात्रा सिंह

सामान्य लोगों के असाधारण संघर्ष को भी मिलेगा सम्मान (Padma Awards 2026 Announcement)
सामान्य भारतीयों के असाधारण योगदान का सम्मान करने के अहमियत को सर्वोपरी रखते हुए, इस वर्ष के पद्म पुरस्कार भारत के कोने-कोने से कई अनजाने नायकों को पहचान देते हैं। हर पुरस्कार विजेता शांत, पक्की सेवा का प्रतिनिधित्व करता है जो अक्सर इग्नोर हो जाते है, फिर भी एक स्थायी परिवर्तन लाती है। कई नागरिकों ने बहुत अधिक निजी मुश्किलों और दुखों का सामना किया है, न केवल अपने चुने हुए क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए, बल्कि आगे बढ़कर पूरे समाज की सेवा करने के लिए भी। इनमें हाशिये पर पड़े पिछड़े और दलित समुदायों, आदिम जनजातियों और दूरदराज और कठिन क्षेत्रों से आने वाले लोग सम्मिलित हैं।














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