Haryana-Delhi Corridor : दिल्ली और हरियाणा के मध्य यात्रा करने वाालों के लिए एक बड़ी गुड न्यूज सामने आई है। बता दें कि दिल्ली सरकार ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली की यातायात व्यवस्था को पूरी चेंज करना और मुकरबा चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों को जाम से निजात दिलाने के लिए मुनक नहर के किनारे एक 20 किमी लंबी एलिवेटेड सड़क बनाने का अहम कदम उठाया है। इस सड़क के निर्माण का दायित्व अब दिल्ली सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया है। दिल्ली सरकार का ये कदम बड़े पैमाने की हाईवे परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने में एनएचएआई की अहमियता को देखते हुए लिया गया है।

सफर की दूरी में 40 फीसदी तक आएगी कमी (Haryana-Delhi Corridor)
पाठकों को बता दें कि मुनक नहर के समानांतर बनने वाला यह कॉरिडोर उत्तर-पश्चिम दिल्ली के इंद्रलोक क्षेत्र को डायरेक्ट बवाना से जोड़ेगा। आज के दिन में इन इलाकों के मध्य सफर करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि वाहनों को संकरी गलियों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले चौराहों से होकर गुजरना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सड़क पूरी तरह से सिग्नल-मुक्त होगी। इसके बन जाने से न सिर्फ दिल्ली के आंतरिक भागों में यातायात सुगम होगा, बल्कि हरियाणा की तरफ जाने वाले वाहनों को भी एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिल सकेगा। संभावना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद सफर के समय में 40 फीसदी तक की कमी आएगी। प्रोजेक्ट के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिसके अगले तीन महीनों के अंतर पूर्ण होने की संभावना है।
4700 करोड़ रुपये की आएगी लागत (Haryana-Delhi Corridor)
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई को करीब 4,700 करोड़ रुपये मुहैया कराएगी। हालांकि निर्माण कार्य का पूरा दायित्व NHAI का ही होगा, मगर दिल्ली का लोक निर्माण विभाग (PWD) परियोजना की फंडिंग, जमीन की मंजूरी और स्थानीय नगर निकायों व एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने की निगरानी करेगा। केंद्रीय अधिकारियों के अनुसार, काम स्टार्ट होने के बाद इसे पूरा करने में करीब 3 साल का टाईम लगेगा।

दिल्ली से हरियाणा तक ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत (Haryana-Delhi Corridor)
एनएचएआई के अनुसार, मुकरबा चौक दिल्ली के सबसे व्यस्त और पेचीदा ट्रैफिक जंक्शनों में से एक माना जाता है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड इस जंक्शन पर दबाव को ज्यादा हद तक कम कर देगा। चूंकि यह सड़क मुनक नहर के ऊपर बनेगी, इसलिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की अनिवार्यता भी कम होंगी। यह कॉरिडोर उत्तर-पश्चिम दिल्ली की शहरी गतिशीलता के लिए एक अहम एवं शानदार साबित होगा।
मुनक नहर का प्रबंधन की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार ने ली (Haryana-Delhi Corridor)
मुनक नहर हरियाणा और दिल्ली के मध्य जल आपूर्ति की एक अहम लाइफलाइन है। बता दें कि इसे पानी की बर्बादी रोकने और राजधानी को विश्वसनीय जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने पहले ही क्लियर किया था कि दिल्ली सरकार इस नहर के रखरखाव का दायित्व लेने की योजना बना रही है और इस विषय पर हरियाणा सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इसी जलमार्ग के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल सड़क निर्माण की नींव के रूप में किया जाएगा, जिससे कम लागत और कम टाइम में दिल्ली और हरियाणा के मध्य की दूरी सिमट जाएगी।













