Haryana industrial waste water : सरकार ने उठाया बड़ा कदमः हरियाणा में नहीं आएगा अब उधोगों का गंदा पानी, 450 करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च

On: January 7, 2026 3:16 PM
Follow Us:
Haryana industrial wastewater: The government has taken a major step: industrial wastewater will no longer flow into Haryana, with an expenditure of ₹450 crore.

Haryana industrial waste water : हरियाणा और राजस्थान के बीच कई सालों से चले आ रहे गंदे पानी के विवाद के समाधान की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाया है। दरअसल् बता दें कि, रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में भिवाड़ी से आने वाले औद्योगिक अपशिष्ट और दूषित जल की परेशानी को लेकर दिल्ली में उच्चस्तरीय मीटिंग हुई, जिसमें लगभग 450 करोड़ रुपये की संयुक्त परियोजना को स्वीकृति दी गई। मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा की गई है।

कैसे बनी सहमति ? (Haryana industrial waste water)

मीटिंग में दोनों प्रदेशों के बीच जलभराव और प्रदूषण की परेशानी का स्थायी समाधान निकालने पर स्वीकृति बनी। जिसमें मसानी बैराज में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी के प्रवाह को कंट्रोल करने के लिए खास व्यवस्था डेवलप करने का फैसला लिया गया। मीटिंग में राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

Haryana industrial wastewater: The government has taken a major step: industrial wastewater will no longer flow into Haryana, with an expenditure of ₹450 crore.
Haryana industrial wastewater: The government has taken a major step: industrial wastewater will no longer flow into Haryana, with an expenditure of ₹450 crore.

 

यहां बनेगी 6 किमी लंबी नाली (Haryana industrial waste water)

सरकार के फैसला के मुताबिक, मानसून के दौरान भिवाड़ी क्षेत्र से बरसात के पानी की निकासी के लिए दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) के किनारे लगभग 6 किमी लंबी नाली का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में लगने वाला व्यय हरियाणा और राजस्थान बराबर-बराबर वहन करेंगे, जबकि बाकि राशि सड़क परिवहन मंत्रालय देगा। कुल मिलाकर दोनों योजनाओं पर करीब 450 करोड़ रुपये लागत आएगी।

‘कंबाइंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट’ कब चलेगा ? (Haryana industrial waste water)

पाठकों को बता दें कि, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आश्वासन दिया कि भिवाड़ी में 40 एमएलडी क्षमता वाला ‘कंबाइंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट’ मार्च तक चालू कर दिया जाएगा, जिससे औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार संभव होगा। इससे दूषित पानी को शोधित कर दोबारा उद्योग और कृषि कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। ऐसे में हरियाणा में गंदा पानी को घुसने से रोका जाएगा।

ये भी पढ़ें  Jind Demolition : जींद में चला DTP विभाग का पीला पंजा, 10 एकड़ अवैध कॉलोनी जमींदोज, DPC उखाड़ी
Haryana industrial wastewater: The government has taken a major step: industrial wastewater will no longer flow into Haryana, with an expenditure of ₹450 crore.
Haryana industrial wastewater: The government has taken a major step: industrial wastewater will no longer flow into Haryana, with an expenditure of ₹450 crore.

 

राजस्थान के सीएम ने दिलाया विश्वास (Haryana industrial waste water)

मीटिंग में नितिन गडकरी ने क्लियर किया है कि भविष्य में परेशानियां और गंभीर हो सकती है, इसलिए सिर्फ बरसात जल की निकासी ही नहीं, बल्कि केमिकल युक्त पानी के प्रबंधन पर भी सख्ती अनिवार्य है। वहीं राव इंद्रजीत सिंह ने धारूहेड़ा में नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर ढेंशन जताते हुए कहा कि अब राजस्थान से आने वाला गंदा पानी हरियाणा के लिए स्वीकार्य नहीं होगा। इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मार्च तक ट्रीटमेंट प्लांट पूरा करने का विश्वास दिया, जबकि हरियाणा सरकार मसानी बैराज पर विशेष प्रणाली डेवलप करेगी।

logo

प्रवेश

प्रवेश पिछले पांच सालों से डिजीटल मीडिया से जुड़े हुए हैं। प्रवेश पंजाब केसरी और अमर उजाला के अलावा कई न्यूज वेबसाइट पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर चुके हैं। प्रवेश को ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग का भी 2 साल का अनुभव है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment