HKRN Teacher Vacancy : आप सभी को पता ही पिछले एक दशक से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को देखने को मिल रही है। इसी मद्देनजर ऱखते हुए प्रदेश सरकार ने पक्की भर्ती होने तक अनुबंध आधार पर नए शिक्षक रखने की तैयारी आरंभ कर दी है। यह भर्तियां हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से की जा सकती हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई किसी तरह से प्रभावित न हो। आए जानें पूरे विस्तार से।
सरकारी आंकड़ो के अनुसार, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल 1,22,359 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 29,866 पद आज के समय में रिक्त हैं। फिलहाल राजकीय स्कूलों में 81,388 नियमित शिक्षक है, वहीं 11,105 अतिथि अध्यापक (गेस्ट टीचर) कार्यरत हैं। इस तरह कुल 92,493 शिक्षकों के द्वारा प्रदेश के राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा हैं।

HKRN : हरियाणा कौशल के तहत कितने अध्यापक नियुक्त है ?
पाठकों को बता दें कि HKRN के तहत 6,667 शिक्षक पहले से कार्यरत है, इसके अतिरिक्त HKRN (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के माध्यम से 6,667 शिक्षक विभिन्न राजकीय स्कूलों में पहले से नियुक्त हैं। सरकार का मानना है कि जब तक स्थायी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक अनुबंध पर नियुक्ति ही सबसे व्यवहारिक विकल्प है। ताकि बच्चों को शिक्षकों के द्वारा उचित समय पर शिक्षा दी जाएं।
HKRN कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा
शिक्षा विभाग ने HKRN के तहत कार्यरत सभी गैर-शिक्षक कर्मचारियों का भी पूरा विवरण तलब किया है। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की तरफ से सभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (BEO) को पत्र भेजकर निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित प्रोफार्मा में सूचनाए जरुर भेजी जाए।

सूचनाओं के रुप में ये मांग की गई (HKRN Teacher Vacancy)
- कर्मचारी का नाम
- पद-नाम
- तैनाती विद्यालय / कार्यालय
- नियुक्ति तिथि
- स्वीकृत पद
- वर्तमान कार्यस्थल
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह सूचना कई बार मांगी जा चुकी है, लेकिन समय पर रिपोर्ट नहीं भेजी गई, जिससे नाराजगी जताई गई है।
ऐसा किया तो, होगी कार्रवाई (HKRN Teacher Vacancy)
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने क्लियर रुप से चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में रिपोर्ट नहीं भेजी गई, तो संबंधित जिला अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जोकि उनकी लापरवाह कतई बर्दास्त नहीं होगी। शिक्षा विभाग के अनुसार HKRN कर्मचारियों का एकीकृत डाटा तैयार करना अनिवार्य है, ताकि यह क्लियर हो सके कि कितने कर्मचारी किस स्तर पर किन स्कूलों और कार्यालयों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसी आधार पर आगे की शिक्षक भर्तियों की कार्य नियोजना तैयार की जाएगी। ताकि भर्तियां पारदर्शिता और सुनिश्चित से रुप से हो सकें।














