Patna underground Cabling : राज्य में बिजली चोरी और झूलते तारों से तंग पाकर बिहार सरकार ने अहम फैसला लिया। बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार की स्मार्ट परियोजना के जरिए राजधानी में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य जारी है। इस केबलिंग के तहत राजधानी के करीब सभी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जायेगी। बिजली कंपनियों के अधिकारियों से मिली सूचनाओं के आधार पर शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग से लगभग 8 लाख कनेक्शनधारी को अंडरग्राउंड कनेक्शन के तहत विद्युत संचार किया जायेगा।
292 करोड़ की लागत से शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग की जा रही है (Patna underground Cabling)
पटना में एक अधिकारी के द्वारा इस परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय के स्टेट प्लान के जरिए राजधानी में 292 करोड़ की लागत से शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग का की जा रही है। इसके लिए इसी वर्ष जनवरी में डीपीआर यानि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया गया है। सूचना के लिए बता दें कि राजधानी के बीरचंद पटेल, स्टैंड रोड, सगुना मोड़, पाटलिपुत्र, बोरिंग रोड समेत अन्य क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य हो चुका है।

2027 तक होगा परियोजना का पूर्ण कार्य (Patna underground Cabling)
इस परियोजना में 292 करोड़ की लागत के तहत कई अन्य अहम कार्य को किये जा रहा है। जिसमें पहले चरण में 35 किमी तक अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य पूर्ण करने का कदम उठाया गया है। साथ ही शहर में कई स्थानों पर पावर सब स्टेशन व आरएमयू का निर्माण किया जाना बाकि है। मंत्रालय की ओर से 2027 तक पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। इस काम के लिए नगर विकास विभाग से मंजूरी लेने के बाद अलग-अलग निजी एजेंसी को कार्य सौंपा गया है।
बिजली चोरी और अन्य परेशानियों से मिलेगी निजात (Patna underground Cabling)
इस अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना के जरिए पटना वासियों को बिजली चोरी, शॉर्ट सर्किट व ब्रेकडाउन समेत छोटी-बड़ी बिजली की परेशानियों से निजात मिलेगी। 292 करोड़ लागत से पूरा हो रहे इस योजना के जरिए 61 कॉम्पैक्ट ट्रांसफॉर्मर भी लगाये जाएंगे। साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए डक्ट सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। वहीं गर्वमेंट क्वाटर या सरकारी आवासों में अंडरग्राउंड तारों के तहत ही बिजली सप्लाइ की जा रही है।













