Haryana Roadways : जींद : रोडवेज कर्मचारी 18 जनवरी को परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास पर मांगों को लेकर न्याय मार्च निकालेंगे।इसे लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चे के राज्य नेता निशान सिंह, जयबीर घणघस, अनूप लाठर और डिपो प्रधान राममेहर रेढू व चेयरमैन राजकुमार रधाना ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर समय- समय पर कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक करके समझौता तो कर लेती है। लेकिन मानी गई जायज मांगों को लागू नहीं कर रही है।
इन मांगों को लागू करवाने के लिए व रोडवेज विभाग विरोधी नीतियों के विरोध में 18 जनवरी को अंबाला छावनी में परिवहन मंत्री आवास पर न्याय मार्च निकाला जाएगा। जिसमें प्रदेशभर से सभी डिपो व सब डिपो के कर्मचारी भाग लेंगे। जिसकी तैयारी के लिए साझा मोर्चे ने दो टीमों का गठन किया हैं। जो सभी डिपो में गेट मीटिंग करेंगी। अनूप लाठर ने बताया कि पहली टीम 22 दिसंबर को नारनौल डिपो, 23 को भिवानी व दादरी डिपो, 26 को फतेहाबाद व सिरसा डिपो, 29 को पलवल व नूंह डिपो, पांच जनवरी को दिल्ली व सोनीपत डिपो, आठ जनवरी को कैथल व कुरुक्षेत्र डिपो, 12 को अंबाला डिपो में गेट मीटिंग करेगी।

Haryana Roadways : दूसरी टीम यहां-यहां करेगी मीटिंग
अनूप लाठर के अनुसार दूसरी टीम 24 दिसंबर को झज्जर व रेवाड़ी डिपो, 27 दिसंबर को हिसार व जींद डिपो, 30 दिसंबर को गुरुग्राम व फरीदाबाद डिपो, छह जनवरी को पानीपत व करनाल डिपो, नौ जनवरी को यमुनानगर व पंचकूला डिपो, 12 को चंडीगढ़ डिपो में गेट मीटिंग करेगी। कर्मचारियों की मुख्य मांगो में प्रदेश की जनसंख्या आधार पर सरकारी बसें खरीद कर रोडवेज बेड़े में शामिल करने की जाएं। चालक, परिचालक के रिक्त पदों पर नई भर्ती की जाए। कर्मशाला में बसों की मरम्मत करने वाले मैकेनिक, हेल्पर, सफाई व धुलाई कर्मचारी सहित अनेक रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
कोहरे व कोरोना काल जैसी विपरीत समय में जोखिम ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए। चालक, परिचालक, लिपिक,स्टोर कीपर का पे ग्रेड बढ़ाया जाए। पूर्ण प्रकिया से भर्ती हुए वर्ष 2016 के चालकों को पक्का किया जाए। 2018 में भर्ती हुए कर्मशाला के कर्मचारियों को कामन कैडर से बाहर करके तकनीकी पदों पर प्रमोशन की जाए। कर्मचारियों के कम किए देय अर्जित अवकाशों को पूर्व की भांति दिए जाएं। वर्ष 2002 में भर्ती हुए चालको को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए व पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।













