NIOS : नेशनल ओपन के एग्जाम के लिए नहीं जाना होगा दूर, घर के पास ही होगा एग्जाम सेंटर

On: December 18, 2025 4:28 PM
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NIOS You won't have to travel far for the National Open exams the exam center will be near your home.

NIOS exam centers : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नेशनल ओपन से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए फैसला लिया है कि अब सभी शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षार्थी को एग्जाम देने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। घर के पास ही एग्जाम सेंटर दिया जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी नहीं आए। बोर्ड का तर्क है कि इससे पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम होगी और ड्रॉप आउट का आंकड़ा कम होगा।

बता दें कि केंद्रीय शिक्षा बोर्ड के इस फैसले को शिक्षा के अधिकार को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में माना जा रहा है। अब नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ओपन स्कूलिंग National Institute of open schooling (NIOS) से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी अब 10वीं और 12वीं की परीक्षा अपने घर के पास के बने परीक्षा केंद्र में ही दे सकेंगे।

NIOS  : दूर दूर आ जाते हैं सेंटर, परेशान होते हैं विद्यार्थी

अब तक ये होता आ रहा था कि नेशनल ओपन स्कूलिंग के एग्जाम सेंटर दूर-दूर होते थे। इससे विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत आती थी। अब CBSE द्वारा देशभर के अपने संबद्ध स्कूलों को सर्कुलर जारी करते हुए अपने स्कूल को NIOS की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र के रूप में पंजीकृत करवाने की अपील की है। इसका पत्र सभी संबंधित स्कूलों के प्राचार्य को भेजा गया है।

NIOS exam centers : कम रहती है परीक्षा में संख्या

हालांकि देश भर में लाखों विद्यार्थी सीबीएसई की ओपन स्कूलिंग में पंजीकृ़त होते हैं, लेकिन परीक्षा में कम पहुंचते हैं। इस पर बोर्ड का मानना है कि यह सब परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण है। एनआईओएस से 10वीं व 12वीं की परीक्षा के साथ-साथ युवा अन्य कोर्स भी करते हैं। (Educatuon News) देशभर में इसके लिए 7400 से अधिक स्टडी सेंटर बनाए गए हैं। पिछली परीक्षा की बात करें तो 10वीं में 1.06 लाख नामांकन हुए थे। वहीं परीक्षा देने के लिए महज 89 हजार 847 विद्यार्थी ही पहुंचे।

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हालांकि परीक्षा के आधार पर 56 हजार 350 (62.72) उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की। इसी प्रकार 12वीं कक्षा 1.66 लाख बच्चों का नामांकन और 1.46 लाख ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में 94 हजार 457 (72.62) ने सफलता पाई। माना जा रहा है कि बोर्ड के इस फैसले से परीक्षा केंद्र के कारण रह जाने वाले लाखों बच्चों को लाभ होगा। ऐसे में बोर्ड के इस फैसले से अब परीक्षा केंद्र के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने वाले युवा इसको जारी रख सकेंगे। एनआईओएस द्वारा साल में दो बार परीक्षा, आन-डिमांड परीक्षा के साथ विषयवार पास करने की सुविधा भी दी जाती है। इससे अधिक दबाव नहीं रहता।

NIOS exam centers : लड़कियों की शिक्षा पर प्रभाव

नेशनल ओपन परीक्षा के लिए कई बड़े शहरों में तो एक या दो ही परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। इसके कारण दूर दराज से ओपन की पढ़ाई करे वाले परीक्षार्थी परीक्षा देने से रह जाते हैं। विशेषकर इनमें छात्राओं की संख्या अधिक रहती है। क्योंकि छात्राओं की परीक्षा केंद्र तक पहुंच आसान नहीं होती। या फिर घर से बाहर रह कर परीक्षा देने के लिए तमाम संसाधन नहीं होते। वहीं दिव्यांग परीक्षार्थियों को भी दिक्कत उठानी पड़ती है। ऐसे में अब इन सभी की समस्या का समाधान करने के लिए एनआईओएस द्वारा यह योजना शुरू की जा रही है।

हालांकि NIOS द्वारा यह योजना बनाई गई है, लेकिन इसमें स्कूलों का रवैया ही सबसे महत्पूर्ण है। हालांकि सीबीएसई को विश्वास है कि इससे संबंधित सभी स्कूल परीक्षा के लिए अपने स्कूल को केंद्र बनाने की समहति दे देंगे। फिर भी स्कूलों की ओर से मिलने वाले जवाब पर अधिकारियों की नजर लगी हुई हैं।

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प्रदीप कौशिक

प्रदीप कौशिक हरियाणा के जींद जिले से सम्बंध रखते हैं प्रदीप को दैनिक जागरण, पंजाब केसरी, दैनिक भास्कर, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम करने का करीब 7 साल का अनुभव है।

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