Success Story Mother Son CET Clear : हरियाणा में मां-बेटे की सक्सेस स्टोरी सामने आई है। 40 वर्षीय महिला ने अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ CET का एग्जाम दिया था। दो दिन पहले जैसे ही सीईटी का रिजल्ट आया तो दोनो का ही सीईटी क्लीयर हो गया। इससे परिवार में खुशी की लहर है। सबसे बड़ी खास बात ये भी है कि महिला ने किसी प्रकार की कोचिंग नहीं ली। वह NGO चलाती है। हालांकि बेटा MBA कर रहा है और उसका भी सीईटी का एग्जाम क्लीयर हो गया है।
जी हां, यह कहानी है हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल की में मां और बेटे ने एक साथ सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) को पास किया है। महिला 40 साल की है, तो उसके बेटे की उम्र 22 साल है। खास बात है कि इस परीक्षा को लेकर दोनों ने कहीं पर कोई कोचिंग नहीं ली और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार लक्ष्मी कोजिंदा गांव की रहने वाली है और रेवाड़ी में NGO चलाती हैं। साथ में घर का काम करती हैं। हालांकि लक्ष्मी के ससुर जेई रिटायर्ड हैं और बेटा उज्जवल गुरुग्राम में MBA कर रहा है।

नारनौल के कोजिंदा गांव निवासी मेनपाल ने बताया कि CET का फार्म निकले हुए थे तो उस समय बेटे उज्जवल का फार्म भरने के लिए कहा था तो उसकी पत्नी लक्ष्मी ने भी फार्म भरने की इच्छा जाहिर की तो उसका भी फार्म भरवा दिया। लख्मी ने घर पर ही काम के साथ-साथ पढ़ाई शुरू की और लगातार पढ़ाई के बाद एग्जाम दिया। दो दिन पहले जैसे ही परिणाम आया तो मां-बेटे और परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि पहले ही प्रयास में लक्ष्मी ने CET का एग्जाम पास कर लिया।
Success Story : ANM का डिप्लोमा किया है लक्ष्मी ने
लक्ष्मी की शादी 18 साल की उम्र में ही हो गई थी। शादी के बाद ही उसने ANM का डिप्लोम किया। इसके बाद NGO चलाने लगी। शादी के बाद से उसने लगातार अपनी पढ़ाई जारी रखी। पति मेनपाल रेवाड़ी के धारूहेड़ा में प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। फिलहाल परिवार धारूहेड़ा में ही रह रहा है। लक्ष्मी NCR में सीड ऑटो टेक नाम से एक NGO में काम करती हैं। इस एनजीओ का काम गरीब लोगों को मुफ्त में दवा उपलब्ध कराना है। वह एएनएम का डिप्लोमा कर चुकी है, इसके चलते उसे दवाओं की अच्छी जानकारी है और वह लोगों की सेवा में लगी है।
Success Story : मां-बेटे की सफलता से मिल रही बधाई
मां-बेटे के एक साथ CET एग्जाम पास करने के बाद सामाजिक संगठनों और दूसरे परिवार के लोगों द्वारा लगातार बधाई दी जा रही है। उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ-साथ परीक्षा में सफल होकर परिवार का नाम रोशन किया है। उज्ज्वल की मेहनत और लगन ने यह दिखाया कि प्रेरणा घर से मिलती है तो उपलब्धियों का रास्ता आसान हो जाता है। उज्जवल ने बीकॉम किया हुआ है और वर्तमान गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है।













