Din Dayal Upadhyay Scheme 2025 : हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-2 लागू की है। इस योजना के मुताबिक, गाय, मवेशी, कुत्ते, नीलगाय या भैंस जैसे आवारा, पालतू या जंगली जानवरों के कारण से हुए दुर्घटनाओं में घायल, विकलांग या मारे गए लोगों के परिवार वालों को उनके परिवार पहचान पत्र (PPP) के आधार पर आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
इस योजना का लक्ष्य है कि दुर्घटनाएं, गंभीर चोट, परमानेंट डिसेबिलिटी या मौत की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहयोग और सुरक्षा देना है। यह सहयोग केवल उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनकी घटनाएं 5 सितंबर, 2025 के नोटिस जारी होने के बाद हुई हैं।
इस योजना (Din Dayal Upadhyay Scheme 2025) का लाभ केवल वही लोग उठा सकते हैं जिनकी परिवार पहचान पत्र (PPP) के अनुसार वर्षभर की आय 1.80 लाख रुपये है। ऐसे परिवार दयालु-1 और दयालु-2 योजना के अनुसार क्लेम कर सकते हैं। कुत्ते के काटने के मामलों में क्लेम तभी स्वीकार किए जाएंगे जब घटना किसी पब्लिक जगह पर हुई हो और पीड़ित ने जानवर को उकसाया न हो।

Din Dayal Upadhyay Scheme 2025 : यह होगी आर्थिक सहयोग की कैटेगरी
इस योजना (Din Dayal Upadhyay Scheme 2025) के अनुसार, 70 फीसदी से ज़्यादा मौत या परमानेंट डिसेबिलिटी होने पर उम्र के आधार पर आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। 12 वर्ष से कम आयु वालों को एक लाख रुपये, 18 वर्ष से कम आयु वालों को दो लाख रुपये, 25 साल से कम उम्र वालों को 3 लाख रुपये, 45 साल से कम आयु वालों को 5 लाख रुपये और 45 से ज़्यादा आयु वालों को 3 लाख रुपये मिलेंगे।
70 फीसदी से कम डिसेबिलिटी होने पर आर्थिक सहयोग की रकम उम्र और कानूनी नियमों के आधार पर तय की जाएगी। कम से कम लिमिट दस हज़ार रुपये है। मामूली चोट लगने पर 10 हज़ार रुपये दिए जाएंगे, जबकि कुत्ते के काटने पर हर काटने के निशान के हिसाब से दस हज़ार रुपये और स्किन पर 0.2 cm की खरोंच लगने पर आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
Din Dayal Upadhyay Scheme 2025 : क्लेम 90 दिनों के अंदर फाइल करना होगा
किसी तरह की दुर्घटना के 90 दिनों के अंदर पोर्टल पर क्लेम फाइल करना होगा। क्लेम के लिए FIR, DDR, मेडिकल रिपोर्ट, हॉस्पिटल के डॉक्यूमेंट्स और फोटोग्राफ्स अनिवार्य हैं। पेमेंट DBT के तहत PPP के साथ रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में भेजे जाएँगे। गलत सूचनाएं देने वालों को 12% इंटरेस्ट के साथ पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।
एक डिस्ट्रिक्ट-लेवल कमेटी क्लेम की जांच करेगी और आखिरी निर्णय लेगी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर, सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस, SDM, DTO, CMO और डिस्ट्रिक्ट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर होंगे। कमेटी 120 दिनों के अंदर फैसला लेगी। नाम फाइनल होने के बाद, छह हफ़्तों के अंदर फंड दे दिए जाएँगे। डिविजनल कमिश्नर और फैमिली सिक्योरिटी ट्रस्ट के CEO को शिकायतें देखने का अधिकार दिया गया है। शिकायतों का हल एक माह के अंदर निपटा दिया जाएगा।














