31 December 2025 Gold silver price : साल के अंतिम दिन सोने चांदी की कीमतें भरभराकर गिर गई। इस माह सोने चांदी की कीमतों में इतनी गिरावट कभी भी देखने को नहीं मिल पाई थी। आज साल 2025 की अंतिम तारीख 31 दिसंबर को सोने चांदी के भाव क्या रहे, आइए बताते हैं।
आज यानि 31 दिसंबर को इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 34 हजार 599 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गई। एक दिन पहले यह 1 लाख 37 हजार 599 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थी। अगर दूसरी प्रसिद्ध वेबसाइट गुड रिटर्न की बात करें तो इस पर भी 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 36 हजार 350 रुपए प्रति 10 ग्राम आ गया, जो 24 घंटे पहले ही 1 लाख 37 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम से ज्यादा था। इतना ही नहीं (31 December 2025 Gold silver price) दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत 1 लाख 39 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो कि 30 दिसंबर को 1 लाख 41 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर थी।
आज का सोने का भाव(Gold Rate Today in Hindi)
- सोने की शुद्धता सुबह के रेट
- सोना 24 कैरेट 134599 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 23 कैरेट 134060 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 22 कैरेट 123293 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 18 कैरेट 100949 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 14 कैरेट 78740 रुपये प्रति 10 ग्राम

31 December 2025 Gold silver price : साल के अंतिम दिन चांदी के भाव गिरे
31 December 2025 Silver Price : सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी साल के अंतिम दिन गिरावट देखने को मिली। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार आज सुबह चांदी की कीमत घटकर 2 लाख 32 हजार 329 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। हालांकि गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट आज भी चांदी का भाव 2,39,900 रुपये प्रति किलोग्राम दिखा रही है।
सोने के भाव बढ़ने के कारण
- अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।
- रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
- चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।
चांदी की कीमतें बढ़ने के कारण
- इंडस्ट्री में सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है। इसलिए कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
- अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।














