केवल 5 वर्ष की उम्र में एक लड़की नें अपने माता-पिता को खो दिया था, तब उस नन्ही बच्ची की कांपती उंगलियां थामने के लिए उसकी दादी आगे आईं थीं।
उन्होंने न केवल बच्ची को सहारा दिया, बल्कि उसे सरकारी अफसर बनने की हिम्मत और प्रेरणा भी दी, दरअसल हम बात कर रहे हैं आईपीएस अंशिका जैन की।
आईपीएस अधिकारी अंशिका जैन का जीवन सिर्फ यूपीएससी में सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि असहनीय क्षति और अटूट दृढ़ संकल्प का मार्मिक जीवन भी है।
इस गहरे दर्द और अकेलेपन के बावजूद दादी के प्यार, त्याग और अटूट विश्वास ने अंशिका जैन को आगे बढ़ने के लिए प्रकाश डाला। उनकी दादी ने केवल उसे पाला-पोसा नहीं, बल्कि शिक्षक के रूप में उनमें ऐसा सपना बोया, जिसे पूरा करने के लिए अंशिका जी-जान से डटी रहीं।
2019 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी दादी भी उन्हें छोड़कर चली गईं। लगातार 4 बार असफल होने के बाद उन्होंने उस दर्द और सपने को अपनी ताकत बनाया और आखिरकार 5वें प्रयास में AIR 306 हासिल कर IPS अधिकारी बन गईं।
अंशिका जैन दिल्ली की रहने वाली हैं। देश की राजधानी से स्कूलिंग करने के बाद अंशिका ने दिल्ली विश्वविद्यालय के जाने-माने रामजस कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने एम.कॉम की पढ़ाई के दौरान ही यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने एक मल्टी नेशनल कंपनी में आकर्षक सैलरी वाली नौकरी का प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया था। वह अपना पूरा फोकस यूपीएससी परीक्षा की तैयारी पर रखना चाहती थीं।
अंशिका जैन की पर्सनल लाइफ की तरह यूपीएससी की राह भी चुनौतियों से भरी रही। उन्होंने अपनी तैयारी के लिए सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया. साल 2019 में जब वह अपनी तैयारी की महत्वपूर्ण स्टेज पर थीं, तब उन्होंने अपनी दादी को खो दिया।
यह उनके लिए भावनात्मक आघात था क्योंकि उनकी दादी उनकी सबसे बड़ी समर्थक और उनका परिवार थीं। अंशिका जैन लगातार 4 बार यूपीएससी परीक्षा में असफल हुई थीं। इतने फेल्योर्स और पर्सनल इश्यूज के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और अपने 5वें प्रयास के लिए खुद को तैयार किया।
आखिरकार अंशिका जैन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2022 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 306 हासिल कर ली। इस रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अधिकारी का पद मिला।
फिर 2023 में उन्होंने अपने साथी सिविल सेवक, आईएएस अधिकारी वासु जैन के साथ विवाह किया. आईपीएस अंशिका जैन की सफलता की कहानी साबित करती है कि अटूट इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ कोई भी व्यक्ति सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अपना लक्ष्य हासिल कर सकता है।