वित्त मंत्रालय की आर्थिक मामलों की विभाग की ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2024–25 में नए महात्मा गांधी सीरीज के ₹500 के नकली नोटों की संख्या में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी हुई है।
इस दौरान ₹500 के नकली नोटों की संख्या 1,17,722 तक पहुंच गई, जो 2023–24 में 85,711 और 2022–23 में 91,110 थी। अब यह नोट देश में सबसे अधिक नकली बनाए जाने वाला Denomination बन गया है।
खास तौर से यह चेंज ₹2,000 के नोटों के बंद होने के बाद सामने आया। पहले ₹2,000 के नकली नोटों की संख्या 2022–23 में 9,806 थी, जो 2023–24 में बढ़कर 26,035 हो गई थी, लेकिन 2024–25 में यह गिरकर सिर्फ 3,508 रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नोट बनाने वाले अब ₹2,000 के बजाय व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले ₹500 नोट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
छोटे नोटों में मिली-जुली प्रवृत्ति देखी गई। ₹100 के नकली नोट 2020–21 में 1,10,736 थे, जो 2024–25 में घटकर 51,069 रह गए। वहीं ₹200 के नोटों में बढ़ोतरी देखी गई, जो 24,245 से बढ़कर 32,660 हो गए।
कुल मिलाकर सभी denominations के नकली नोटों का पता चलने की संख्या में हल्की गिरावट आयी है - 2,30,971 (2021–22) से घटकर 2,17,396 (2024–25)।
मगर नए ₹500 नोट अब नकली नोटों की दुनिया में दबदबा बनाए हुए हैं, जबकि पुराने महात्मा गांधी सीरीज के ₹500 नोट लगभग गायब हो चुके हैं; 2024–25 में केवल 5 नकली नोट ही पाए गए।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ मिलकर, बैंक नोटों की सुरक्षा सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। नए डिज़ाइन और सुरक्षा अपग्रेड लगातार जारी हैं, ताकि नकली नोट बनाने वालों से हमेशा एक कदम आगे रहा जा सके।