राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी ऐतिहासिक राफेल उड़ान के दौरान भारत की एकमात्र महिला राफेल पायलट विंग कमांडर शिवांगी सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद विंग कमांडर शिवांगी सिंह फिर से चर्चा में आ गई हैं।
दरअसल्, उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली शिवांगी सिंह को बचपन में नई दिल्ली स्थित वायु सेना संग्रहालय देखने के बाद प्लेन उड़ाने की प्रेरणा मिली।
वाराणसी में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने बनारस हिंदू से ग्रेजुएशन किया और फिर हैदराबाद स्थित भारतीय वायु सेना अकादमी से कठोर ट्रेनिंग के लिए प्रवेश लिया।
2017 में महिला लड़ाकू पायलटों के 2nd बैच के पार्ट के रूप में भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं शिवांगी सिंह ने आरंभ में मिग-21 बाइसन उड़ाया और तेज गति वाले जेट विमानों के संचालन में महारत प्राप्त की। वर्ष 2020 में उन्हें राफेल ट्रेनिंग के लिए चुना गया।
दरअसल् बता दें कि पुरुषों का क्षेत्र माना जाने वाले फाइटर प्लेन उड़ाने में शिवांगी सिंह के दृढ़ संकल्प और प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय वायुसेना के बदलाव का प्रतीक बना दिया।
वह फ्रांस में ओरियन 2023 जैसे अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों में भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं और लड़ाकू बलों में शामिल होने की इच्छुक युवा महिलाओं को प्रेरित करती हैं।
अपनी उड़ान के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने वायुसेना स्टेशन की विजिटर्स बुक में लिखा, 'राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना जगा दी है।