आजकल बाजार में दूध की शुद्धता को लेकर लोगों में ज्यादा ढेंंशन देखने को मिल रही है और वजह भी क्लियर है कि दूध हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम भाग है।
सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक हर घर में इसका उपयोग होता है, मगर अगर यही दूध मिलावटी निकल जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
एक एक्सपर्ट के मुुताबिक, असली दूध उबालने के बाद बर्तन की तली में हल्की पीली परत छोड़ता है, जबकि नकली दूध की तली सफेद रहती है. उनका कहना है कि घर पर मावा बनाकर भी दूध की पहचान की जा सकती है।
असली दूध से बना मावा चिकना और स्वाद में लाजवाब होता है। यदि आप 1 किलो दूध से मावा बनाते हैं तो करीब 220 ग्राम शुद्ध मावा मिलेगा। वहीं मिलावटी दूध से मावा कम निकलेगा और वह बिल्कुल भी चिकना नहीं होगा।
जब भी आप शुद्ध दूध को उबालते हैं तो उसकी ऊपरी सतह पर मलाई की मोटी परत जम जाती है। यदि दूध में मिलावट है तो या तो मलाई बहुत कम बनेगी या बिलकुल नहीं बनेगी। यह सबसे आसान घरेलू तरीका है, जिससे आप दूध की सच्चाई जान सकते हैं।
एक कांच के गिलास में थोड़ा दूध डालें और फिर उसी दूध की एक बूंद ऊपर से गिराएं। अगर वह बूंद सीधा नीचे बैठ जाए और सफेद लकीर बन जाए तो दूध शुद्ध है, लेकिन अगर वह पानी की तरह फैल जाए तो समझिए उसमें पानी मिला हुआ है।
कभी-कभी दूध में झाग बहुत ज्यादा बनता है और वह साबुन जैसा दिखने लगता है। ऐसे में 5ml दूध को उतने ही पानी में मिलाकर हिलाएं अगर ज्यादा झाग बने और दूध साबुन जैसा लगे तो यह डिटर्जेंट की मिलावट का संकेत है। डिटर्जेंट वाला दूध शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है।
कई दुकानदार दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें स्टार्च या आटा मिला देते हैं। एक चम्मच दूध में कुछ बूंद आयोडीन डालें अगर दूध नीला हो जाए तो समझिए इसमें स्टार्च मिला हुआ है। यूरिया शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है।
जांचने के लिए 5ml दूध में थोड़ा सोयाबीन पाउडर डालें और कुछ बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं। यदि कुछ मिनटों में दूध का रंग लाल हो जाए तो यह यूरिया की मिलावट है। इन घरेलू तरीकों से आप आसानी से दूध की शुद्धता जांच सकते हैं।