भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जितनी सरहाना की जाए उतनी कम है। आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा। वैसे तो भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर किसी खिलाड़ी ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई है।
21 साल की शेफाली वर्मा इस वक्त सुर्खियों में हैं। इसकी वजह है कि उन्होंने महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई है। यह वहीं शेफाली वर्मा हैं, जिनको वर्ल्ड कप के स्क्वाड में जगह भी नहीं मिली थी।
मगर, प्रतिका रावल को बांग्लादेश के खिलाफ चोट लगी और शेफाली की टीम में एंट्री हुई। इसके बाद जो शेफाली ने फाइनल में भारत की महिला टीम के लिए किया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।
ओपनिंग करते हुए शेफाली वर्मा ने महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार शुरुआत की। उनके और स्मृति मंधाना के बीच 104 रन की साझेदारी हुई। शेफाली हालांकि शतक नहीं ठोक पाई।
उन्होंने 78 गेंदों पर 87 रन बनाए। शेफाली की पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 2 अहम विकेट भी लिए। अपने इस प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल में प्लयेर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला, जिसके चलते उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
शेफाली वर्मा ने महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। वह पुरुष और महिला वर्ल्ड कप के इतिहास में फाइनल या सेमीफाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। शेफाली वर्मा ने यह कारनामा 21 साल और 279 दिन की उम्र में किया है।
शेफाली वर्मा ने अब तक भारत के लिए 5 टेस्ट, 31 वनडे और 90 टी20 मुकाबले खेले हैं। टेस्ट में शेफाली ने 567, वनडे में 741 तो टी20 में 2221 रन बनाए हैं। शेफाली वर्मा महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलती हैं। उन्होंने डब्ल्यूपीएल में खेले गए 27 मैचों में 865 रन बनाए हैं।
शेफाली वर्मा हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। उनके पिता क्रिकेट के बड़े फैन थे और उनके सभी भाई-बहन भी क्रिकेट खेलते थे। खेल में उनकी रुचि देखकर, उनके पिता ने एक बड़ा कदम उठाया।
लोकल क्रिकेट अकेडमी ने लड़की को दाखिला देने से मना कर दिया था। ऐसे में इसलिए उनके पिता ने उनके बाल छोटे काट दिए और उन्हें लड़के के रूप में पेश किया।
महज 15 साल की छोटी उम्र में वह भारत की सबसे कम उम्र की T20I डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बन गईं। बल्लेबाज़ी में उनका विस्फोटक अंदाज़ देखकर तुरंत उनकी तुलना वीरेंद्र सहवाग से होने लगी।