Toll Tax New Rule 2025 : परिवहन विभाग ने वीआईपी कल्चर के लिए एक खुशखबरी दी है, अब सांसद-विधायकों समेत अन्य वीवीआईपी की सरकारी गाड़ियों को अब टोल प्लाजा पर टोल टैक्स नहीं भरना पड़ेगा। टोल टैक्स से पूरी तरह छूट मिलने पर वीआईपी कल्चर के लिए सफर करना अब सरल और सुगम होगा।
पाठकों को बता दें कि, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सभी संबंधित वीवीआईपी को पत्र लिखकर अपनी पात्र सरकारी गाड़ियों पर छूट वाला फास्टटैग (एक्जेम्प्टेड फास्टैग) जल्द ही लगवाने के लिए निर्देश जारी कर दिए है। इसके तहत अब वीआईपी आवेदकों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के एक्ज़ेम्प्शन (छूट) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी करना होगा।
परिवहन मंत्री ने अपने पत्र में क्लियर किया है कि भारत सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी पात्र वाहनों को तीन माह के अंदर एनएचएआई के एक्ज़ेम्प्शन (छूट) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से रजिस्टर कराना अनिवार्य है।

गाड़ी पर छूट वाला फास्टैग लगेगा (Toll Tax New Rule 2025)
बिहार में वर्तमान में सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, मंत्री, मुख्य सचिव समेत कई वीवीआईपी की सरकारी गाड़ियां इस पोर्टल पर रजिस्टर हैं, जिसकी वजह से वह टोल प्लाजा पर बिना रुके निकल जाती हैं। मंत्री ने सभी से अपील की है कि निर्धारित समय के अंदर अपने वाहनों की पूरी सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड कराकर छूट वाला फास्टैग लगवाना अनिवार्य है।
बिहार के परिवहन मंत्री के अनुसार वीवीआईपी की गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रोकने से कई बार महत्वपूर्ण बैठक या कार्यक्रम में देरी हो जाती है। उनकी सहूलियत और कीमती समय की बचत के लिए यह कदम उठाया गया है। विभाग ने सभी संबंधितों को अलग-अलग पत्र भेजकर भी व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया है कि वे शीघ्र इस प्रक्रिया को पूर्ण करें ताकि आगे किसी तरह की असुविधा का सामना ना करना पड़े।
किन वीवीआईपी गाड़ियों को मिलेगी? टोल टैक्स से छूट (Toll Tax New Rule 2025)
- इन नए नियमों का लाभ मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, लोकसभा में विपक्ष के नेता को मिलेगा।
- इन नए नियमों का लाभ सांसद और विधायक (सरकारी गाड़ी पर) को भी मिलेगा।
- इन नए नियमों का लाभ उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को भी मिलेगा।
- इन नए नियमों का लाभ राज्य के सभी मंत्री, वर्तमान एवं पूर्व विधायक-विधान पार्षद को भी मिलेगा।
- इन नए नियमों का लाभ बिहार विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री को भी मिलेगा।













