13 December Sona Chandi Price : सोने-चांदी की बढ़ती कीमतें आम आदमी पर जुल्म ढाने लगी हैं और ऑल टाइम हाई रेट पर पहुंचकर आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। आज यानि 13 दिसंबर को देश भर में सोने-चांदी के रेट क्या रहे, आइए बताते हैं। हालांकि रेटो में उछाल और गिरावट अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर निर्भर करता है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (All India Bullion live rate) की बात करें तो IBJA के अनुसार 13 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 32 हजार 710 रुपए प्रति 10 ग्राम रही जबकि 23 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 32 हजार 218 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं चांदी की कीमत 1 लाख 92 हजार 440 रुपए प्रति किलोग्राम रही।
यह दोनों ही धातू (gold silver rate) का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले वीरवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 28 हजार 596 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेटे सोने (22 carat sone ka bhav) का आज का भाव 1 लाख 21 हजार 560 रुपए प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट सोने का भाव 99 हजार 530 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
3 दिन में ही चांदी 16 हजार रुपए महंगी (Chandi ka bhav)
चांदी की कीमतों (Chandi k Rate) की बात करें तो पिछले 3 दिन में ही चांदी 16 हजार रुपए प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो गई। पिछले सप्ताह चांदी की कीमतें 1 लाख 75 हजार से 76 हजार के बीच चल रही थी लेकिन आज की बात करें तो यह 1 लाख 92 हजार रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
11 माह में सोना-चांदी की कीमतों (sona chandi price) में इतनी हो चुकी बढ़ौतरी
इस साल जनवरी से दिसंबर तक सोने की कीमतों में 56 हजार रुपए से ज्यादा का उछाल आ चुका है तो चांदी में 1 लाख से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है। 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने (24 Carat sone ka bhav) का भाव 76 हजार 162 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो आज 1 लाख 32 हजार 710 रुपए प्रति 10 ग्राम (Aaj ka sone ka bhav) पर पहुंच गया है। वहीं 1 जनवरी 2025 को चांदी मात्र 86 हजार रुपए प्रति किलोग्राम पर बिक रही थी, जो आज 1 लाख 95 हजार रुपए तक जा पहुंची है।
Today Sona chandi Price : सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने के कारण
- अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे। ये बड़ी वजह मानी जा रही है।
- दूसरी वजह रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
- इसके अलावा चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं।
- चांदी की कीमत बढ़ने के कारण इंडस्ट्रियल डिमांड भी है। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।













