RBI Loan EMI : आज से यानि 1 दिसंबर से ही देश में कई महत्वपूर्ण नियमों के साथ लागू होने पर बदलाव होने जा रहे हैं। इन्हीं बदलावों के बीच होम लोन और ऑटो लोन लेने वालों के लिए भी बड़ी राहत मिलने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि महंगाई के दबाव में कमी को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अपनी अगली मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 फीसदी कटौती का ऐलान कर सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो लोन की EMI भी कम हो जाएगी- जो करोड़ों उधारकर्ताओं है, वो राहत की सांस ले सकेंगे।
5 दिसंबर को हो सकता है आरबीआई का बड़ा ऐलान (RBI Loan EMI)
पाठकों को बता दें कि, RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 दिसंबर से आरंभ होगी और 5 दिसंबर यानी शुक्रवार को इसके नतीजों का ऐलान होगा। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे रेट-सेटिंग पैनल के निर्णय की घोषणा करेंगे। इस बीच बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सेंट्रल बैंक इस बार रेट कट का संकेत देगा या नहीं। यदि ऐसा कुछ होता है शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को देखने को मिलेगा।
पॉलिसी में 25 बेसिस पॉइंट के कटौती (RBI Loan EMI)
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI दिसंबर की पॉलिसी में 25 बेसिस पॉइंट के कटौती कर सकता है, जिससे रेपो रेट घटकर 5.25% रह जाएगा। इससे लोन लेने वालों के लिए सीधे तौर पर EMI में राहत मिलेगी। दरअसल् बता दें कि सेंट्रल बैंक ने पिछले वर्ष फरवरी से रेट-ईजिंग साइकिल स्टार्ट किया था और अगस्त तक कुल 100 बीपीएस की कटौती की। वर्तमान में रेपो रेट 5.5% है।

यहां से बढ़ी कुछ उम्मीदें (RBI Loan EMI)
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत GDP ग्रोथ RBI को रेट कट से रोक सकती है। साथ ही फिस्कल कंसोलिडेशन, पब्लिक इन्वेस्टमेंट और GST कट जैसे सुधारों से अर्थव्यवस्था स्ट्रॉन्ग रहने की वजह से RBI सावधानी बरत सकता है। जबकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित रिटेल महंगाई पिछले दो माहों से सरकार के तय निम्न स्तर 2% से भी नीचे है। यही कारण है कि एक्सपर्ट्स एक और रेट कट की आशंका देख रहे हैं।
GST में राहत मिलने पर दिख रहा है असर
क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी के अनुसार है कि हेडलाइन महंगाई RBI की 2–6% रेंज के निचले लेवल से नीचे जाने की बड़ी वजह खाद्य महंगाई में कमी रही। सोने को छोड़कर कोर महंगाई अक्टूबर में 2.6% रही, जिसे GST कटौती का सपोर्ट मिला। दिसंबर में 25 बीपीएस रेपो रेट कट पूरी तरह संभव है क्योंकि रिटेल महंगाई में आई तेज गिरावट ने इस निर्णय के लिए और जगह दी है।
HDFC Bank की रिपोर्ट में भी 25 बीपीएस रेट कट की आशंका जताई गई है, जबकि SBI के शोध रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत GDP ग्रोथ और कम महंगाई के बावजूद RBI न्यूट्रल रुख बनाए रख सकता है।













