Haryana Ration Depot Update : हरियाणा में राशन डिपो पर मिलने वाले गेहूं, चीनी, तेल समेत वितरण सिस्टम में बदलाव होने वाला है। इसके बाद राशन वितरण प्रक्रिया में और ज्यादा पारदर्शिता आएगी और साथ ही हाई टैक सिस्टम होगा। दरअसल हाई पावर परचेज कमेटी (एच.पी.सी.सी.) ने नई प्वाइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों की मंजूरी दे दी है। इन नई मशीनों में फेस रीडिंग यानि चेहरा पढ़ने, ई-तौल जैसे नए सेगमेंट जोड़े गए हैं। इस पूरे हाईटैक सिस्टम पर हर साल सरकार का 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा।
बता दें कि राशन डिपो पर पहुंचने वाली नई POS मशीनें फिंगरप्रिंट, स्कैनर और आइरिस स्कैनर से लैस होंगी। इन मशीनों से राशन कार्ड धारकों का फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतलियों और चेहरे की पहचान कर E-KYC व राशन वितरण प्रक्रिया होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। साथ ही लाभार्थी का उसका पूरा हक मिलेगा।
इन POS मशीनों को सीधे इलैक्ट्रॉनिक वजन मापने से भी जोड़ा गया है। यानि कि उपभोक्ता को जितना राशन मिलना होगा, मशीन में उतना ही मीटर आएगा और इसकी बाकायदा रसीद मशीन से निकल कर आएगी। इस पर उपभोक्ता को कितना राशन मिला, इसकी पूरी डिटेलिंग होगी।
Haryana Ration Depot Update : डिपो पर लगेंगे कैमरे, नहीं होगी छेड़छाड़
फूड सप्लाई विभाग ने सभी राशन डिपो पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयार की है। इसके तहत हाईटैक बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए सभी राशन डिपो पर CCTV लगाने का भी फैसला किया है। पंचकूला से इसकी शुरुआत कर दी गई है। अगर पंचकूला में यह ट्रायल सफल रहता है तो फिर पूरे प्रदेश के सभी डिपो में इसे लागू कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश भर में करीब 41 लाख कार्ड धारक हैं।
हालांकि इनमें 26 से 27 लाख लोग ही राशन लेते हैं। 9500 राशन डिपो हैं। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि नई POS मशीनों से डिपो धारकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है और अगले महीने से सभी डिपो धारकों के पास मशीनें पहुंच जाएगी।












