Prof. Pawana Kaushik Bhiwani : कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं हो सकता, एक पत्थर तबीयत से उछालो तो यारो, कवि की इन पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया है भिवानी के प्रो. पवन कौशिक ने। ये वही पवन कौशिक हैं, जिन्होंने घुटनों में दर्द के कारण नवंबर 2023 में वैश्य कालेज भिवानी से अपनी प्रोफेसर की नौकरी से वीआरएस लेनी पड़ी थी।
दवा के साथ वह सुबह पैदल चलकर अपने दर्द को दूर भगाना चाहते थे, तो भिवानी रह रहे उनकी मुलाकात नरवाना निवासी मनोज कुमार से हुई। मनोज कुमार ने उनको नरवाना के फिजियोथेरेपिष्ट डा. राजेश गुप्ता से परामर्श लेने को कहा। प्रो. पवन कौशिक (Pawana Kaushik Bhiwani) ने उनकी बात मानते हुए जनवरी 2024 में डा. राजेश गुप्ता से संपर्क किया। डा. राजेश ने उनके दर्द को जानकर फिजियोथेरेपी के गुर बताए और जितना हो सके उतनी दूर साइकिल चलाने का परामर्श दिया।
Pawana Kaushik Bhiwani : प्रतिदिन 50 किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं प्रो. पवन कौशिक
प्रो. पवन ने घर जाकर वही विधि अपनाई। पहले 7-8 किलोमीटर और बाद में प्रतिदिन 50 किलोमीटर साइकिल चलाना शुरू किया। इस प्रकार आज वह पूरी तरह फिट हैं। सोमवार को भिवानी से सुबह 4 बजे चलकर 108 किलोमीटर की साइकिल पर यात्रा करते हुए मंगलवार को डा. राजेश गुप्ता का आभार प्रकट करने नरवाना पहुंचे।
Pawana Kaushik Bhiwani : घुटने बदलवाने की सोचो ही नहीं
प्रो. पवन कौशिक ने कहा कि दर्द से परेशान व्यक्ति आवश्यक फिजियोथेरेपी के साथ साइकिल चलाना इत्यादि स्वयं की गतिविधियां बढ़ाएं। अपना वजन कम करें, आप्रेशन से बचें और घुटने बदलवाने की तो सोचें ही नहीं। लगभग 6 फीट कद वाले 61 वर्षीय प्रो. पवन (Pawana Kaushik Bhiwani) ने अपनी शारीरिक गतिविधियों व साइकिल चलाकर अपना वजन 106 से 92 किलोग्राम कर लिया।














