Panipat to Sonipat Namo Bharat : केंद्र सरकार के जन-कल्याणकारी योजनाओं में से एक दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण अंतिम फेज में है। बता दें कि 82 किमी लंबे इस कॉरिडोर का न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक का 55 किमी का भाग पहले से ही संचालित है और संभावित है कि 2026 की शुरुआत में सराय काले खां से मेरठ (मोदीपुरम) तक का पूरा रूट शुरू हो जाएगा। आए आगे जानें विस्तार सें…
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (Panipat to Sonipat Namo Bharat)
दरअसल् आरआरटीएस ने सिर्फ सफर को सुगम बना रहा है, बल्कि यह रियल एस्टेट को भी पंख लग रहा है। जैसा कि टेस्टिंग द कम्यूटर्स पल्स’ के अनुसार, भारत का आरआरटीएस (RRTS) नेटवर्क शहरों की तस्वीर बदल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 66 फिसदी नागरिक नमो भारत कॉरिडोर के करीब निवेश करने के इच्छुक हैं, जबकि 80 फीसदी यात्रियों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी से रोजगार और व्यापार के नए मौके पैदा होंगे।

दूसरे फेज में दिल्ली-सोनीपत-पानीपत को जोड़ने की तैयारी (Panipat to Sonipat Namo Bharat)
एक सर्वे के मुताबिक, 80 फीसदी से ज्यादा यात्रियों ने नमो भारत सेवा पर अटूट विश्वास जताया है। सामान्य यात्रियों के अनुसार समय की बचत, सुरक्षा और नियमित संचालन ने उनके रोजाना जीवन को बहुत आसान बना दिया है, जिससे आसपास के रियल एस्टेट की मांग में भी भारी उछाल आया है। क्योंकि 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बना दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर अब दिल्ली से मेरठ की दूरी को एक घंटे से भी कम में समेट चुका है। वहीं इसी के मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार नें नमो भारत के दूसरे फेज में दिल्ली-सोनीपत-पानीपत को जोड़ा जाएगा। इस कॉरिडोर से हरियाणा के टायर-II शहरों को नई पहचान मिलने की संभावना है। करीब 33 हजार करोड़ रुपये की लागत और 136 किमी लंबे इस ट्रैक के बनने से सोनीपत और दिल्ली के मध्य की दूरी महज एक घंटे की रह जाएगी।
सोनीपत पहले से मजबूत है बुनियादी ढांचा (Panipat to Sonipat Namo Bharat)
पाठकों को बता दें कि सोनीपत और कुंडली क्षेत्र में पहले से ही बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) ने दिल्ली एयरपोर्ट को डायरेक्ट अलीपुर और सोनीपत से जोड़ दिया गया है। वहीं केएमपी एक्सप्रेसवे के द्वारा पूरे एनसीआर में आवागमन आसान हुआ है।
इसके साथ ही समयपुर बादली से नाथूपुर तक दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के प्रस्तावित विस्तार ने कनेक्टिविटी को और शानदार बना दिया है। इन सभी परियोजनाओं के साथ आने से यह क्षेत्र अब एनसीआर का एक मजबूत और भरोसेमंद ग्रोथ कॉरिडोर बनकर उभरा है। एनारॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 से 2025 के मध्य कुंडली क्षेत्र में जमीन की कीमतें 190 फीसदी तक बढ़ी हैं।
निवेश के लिए सबसे सुरक्षित एवं बेहत्तर ऑप्शन (Panipat to Sonipat Namo Bharat)
रॉयल ग्रीन रियल्टी के एमडी यशांक वासन के मुताबिक, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत आरआरटीएस कॉरिडोर के विकास से सोनीपत को काफी फायदा होगा। दिल्ली तक सफर का टाइम मात्र 30 मिनट से कम होने की वजह से यह शहर अब औद्योगिक और आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। शहर का एनएच-44 के पास होना और पूर्वी व पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मध्य तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया के अनुसार, आरआरटीएस कॉरिडोर एनसीआर में शहरी मोबिलिटी को नया रूप दे रहा है। ऑपरेशनल दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ कॉरिडोर इसका शानदार उदाहरण है। प्रस्तावित दिल्ली–सोनीपत–पानीपत कॉरिडोर से सोनीपत में बाहरी क्षेत्रों के पास आवास की मजबूत मांग बनेगी और निवेशकों की भी इस क्षेत्र में रुचि बढ़ेगी।













