Meerut- MuzaffarNagar Expressway : देश के बड़े शहरों को व्यापारिक गतिविधियों और आसान सफर की दृष्टि से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा बड़े-बड़े नेशनल हाईवों का निर्माण किए जा रहे हैं। इसी निमित मेरठ से मुजफ्फरनगर के मध्य एनएच-58 को 6 लेन करने की तैयारी आखिरी फेज में है। वहीं डीपीआर का कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा, मंजूरी के बाद इसी वर्ष निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे यहां हर दिन लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और सफर समय में भारी कमी आएगी। आए जानें आगे विस्तार से….

दिल्ली से देहरादून और हरिद्वार जाना होगा आसान (Meerut- MuzaffarNagar Expressway)
दिल्ली से देहरादून और हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद शानदार और लाभदायक साबित होगा। बता दें कि परतापुर से रामपुर तिराहे तक लगने वाला लंबा जाम से निजात मिलेगी। 80 किमी लंबे भाग के 6 लेन होने से ट्रैफिक का दबाव का भार कम होगा और सफर सुगमदायक एवं सुरक्षित होंगी। दरअसल् एनएचएआई ने मैसर्स एफपी इंडिया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के तहत ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया है। हाईवे की 130 मीटर चौड़ाई के आधार पर आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक डीपीआर करीब तैयार है, जिसे जल्द मंत्रालय को भेजा जाएगा, बल्कि मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो सके।
जाम से मिलेगी निजात (Meerut- MuzaffarNagar Expressway)
एनएचएआई के अनुसार मेरठ–मुजफ्फरनगर हाईवे पर पड़ने वाले छोटे-बड़े सभी चौराहों को बंद कर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। लगभग 20 नए अंडरपास बनाए जाएंगे, इससे क्रॉस ट्रैफिक के कारण से लगने वाला जाम समाप्त होगा और हाईवे पर वाहन बिना रुके तेज और सुरक्षित गति से चल सकेंगे। दरअसल् बता दें कि, मंसूरपुर में चीनी मिल और मेडिकल कॉलेज की वजह से लगने वाली भीड़ को देखते हुए 1.5 किमी लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। इससे सामान्य और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग रहेगा तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रो में जाम की परेशानी से राहत मिलेगी और आवाजाही काफी व्यवस्थित होगा।

6 लेन वाले एक्सप्रेस-वे की सुविधाएं (Meerut- MuzaffarNagar Expressway)
- पाठकों को बता दें कि, नेशनल हाईवे पर बने मौजूदा फ्लाईओवर को चौड़ा कर डबल करने की योजना है।
- इस एक्सप्रेस-वे का मकसद 6 लेन ट्रैफिक को बिना रुकावट के निकालना है।
- फ्लाईओवर विस्तार से ट्रैफिक का फ्लो बेहतर होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और हाईवे पर सफर काफी आरामदायक बन सकेगी।
- हाईवे के दोनों किनारों पर ज्यादात्तर भागों में सर्विस रोड बनाई जाएगी।
- इससे स्थानीय वाहन चालकों को मुख्य हाईवे पर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- सर्विस रोड के जरिए गांवों, बाजारों और कस्बों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।










